अररिया के सदर प्रखंड अंतर्गत हड़ियाबाड़ा वार्ड संख्या 11 में सोमवार को एक वित्तीय साक्षरता सामुदायिक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला लर्निंग लिंक फाउंडेशन और आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं और डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था। स्थानीय मुखिया मो. परवेज आलम ने इस कार्यक्रम में सहयोग किया। मेले में उन ग्रामीणों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने पहले लर्निंग लिंक फाउंडेशन और आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस के माध्यम से वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कई लाभार्थियों ने मौके पर ही इन योजनाओं के लिए पंजीकरण करवाया और अपने खाते खुलवाए। महाराष्ट्र बैंक और डाकघर के कर्मचारियों ने ऑनलाइन सेवाओं, खाता खोलने की प्रक्रिया, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सुविधाओं को सरल भाषा में समझाया। मेला सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चला मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। आयोजन स्थल पर सभी आगंतुकों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी। कार्यक्रम में आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस के पदाधिकारी मनीष कुमार, दीपक कुमार, संस्था के ऑफिसर आरिफ हुसैन, जूनियर अधिकारी चंदन कुमार, सुरेश कुमार, अंकित कुमार तथा डाक विभाग के रंधीर सिंह, पर्दीप, अमन और रामनाथ ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी अधिकारियों ने मिलकर ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने इसे अपने जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। ऐसे मेलों से ग्रामीण समुदाय सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग से भी जुड़ रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा। अररिया के सदर प्रखंड अंतर्गत हड़ियाबाड़ा वार्ड संख्या 11 में सोमवार को एक वित्तीय साक्षरता सामुदायिक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला लर्निंग लिंक फाउंडेशन और आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं और डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था। स्थानीय मुखिया मो. परवेज आलम ने इस कार्यक्रम में सहयोग किया। मेले में उन ग्रामीणों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने पहले लर्निंग लिंक फाउंडेशन और आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस के माध्यम से वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कई लाभार्थियों ने मौके पर ही इन योजनाओं के लिए पंजीकरण करवाया और अपने खाते खुलवाए। महाराष्ट्र बैंक और डाकघर के कर्मचारियों ने ऑनलाइन सेवाओं, खाता खोलने की प्रक्रिया, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सुविधाओं को सरल भाषा में समझाया। मेला सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चला मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। आयोजन स्थल पर सभी आगंतुकों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की गई थी। कार्यक्रम में आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस के पदाधिकारी मनीष कुमार, दीपक कुमार, संस्था के ऑफिसर आरिफ हुसैन, जूनियर अधिकारी चंदन कुमार, सुरेश कुमार, अंकित कुमार तथा डाक विभाग के रंधीर सिंह, पर्दीप, अमन और रामनाथ ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी अधिकारियों ने मिलकर ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने इसे अपने जीवन में आर्थिक स्थिरता लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। ऐसे मेलों से ग्रामीण समुदाय सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ डिजिटल बैंकिंग से भी जुड़ रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।


