Smart Investing Tips: देश के शहरी इलाकों में युवाओं की फाइनेंशियल सोच तेजी से बदल रही है। अब करियर के साथ साथ भविष्य की प्लानिंग भी उनकी प्राथमिकता बन चुकी है। 20-22 साल की उम्र से निवेश शुरू करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। युवा 30 साल की उम्र से पहले घर और कार खरीदने का लक्ष्य पूरा करने की प्लानिंग करने लगे हैं।
कम उम्र में निवेश की शुरुआत
कॉलेज खत्म होते ही नौकरी या स्टार्टअप से जुड़ने वाले युवा अब सैलरी मिलते ही निवेश की आदत डाल रहे हैं। वे हर महीने अपनी आय का औसतन 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा निवेश के लिए अलग रख रहे हैं। शेयर और म्यूचुअल फंड उनके पसंदीदा विकल्प बन चुके हैं। फाइनेंशियल प्लानिंग को खर्च से पहले प्राथमिकता देने की यह सोच उन्हें जल्दी फाइनेंशियल रूप से मजबूत बना रही है।
घर और कार का सपना जल्दी
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार आईटी, स्टार्टअप, एजुकेशन, बैंकिंग और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले युवा अब निवेश को भविष्य की सुरक्षा मान रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि 35 साल से कम उम्र के 45 प्रतिशत युवा शेयर और 39 प्रतिशत म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि कई शहरों में 30 साल से पहले घर खरीदने वालों की संख्या बढ़ रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी समझ
डिजिटल प्लेटफॉर्म और वर्चुअल ट्रेनिंग ने निवेश को युवाओं के लिए आसान बनाया है। करीब 70 प्रतिशत युवा ऑनलाइन एप और एक्सपर्ट कंटेंट से निवेश की जानकारी ले रहे हैं। छोटी एसआईपी से शुरुआत कर वे पांच साल में अच्छा फंड तैयार कर रहे हैं। 10 से 20 हजार की मासिक एसआईपी से 8 से 15 लाख तक का फंड बनाया जा सकता है और ये युवाओं के भरोसे को और मजबूत कर रहा है।
रियल लाइफ उदाहरण
केस 1: जयपुर के जगतपुरा के निवासी 22 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने बताया कि कॉलेज पूरा होते ही उन्होंने एसआईपी शुरू कर दी थी। हर महीने सैलरी का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा वे निवेश में लगाते हैं। शेयर और म्यूचुअल फंड दोनों में निवेश कर उन्होंने फाइनेंशियल एक्सपर्ट की मदद से ऐसा प्लान बनाया है, जिससे 30 साल से पहले अपना घर खरीदने का लक्ष्य रखा जा सके। खर्च करने से पहले निवेश की आदत अब उनकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है।
केस 2: जयपुर के मानसरोवर की निवासी 20 वर्षीय नेहा अग्रवाल का कहना है कि शुरुआत में उन्हें निवेश की ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म और एक्सपर्ट कंटेंट से उन्हें सही दिशा मिली। वे हर महीने लगभग आय का 20 प्रतिशत सेविंग और म्यूचुअल फंड में निवेश करती हैं। उनका लक्ष्य आने वाले कुछ सालों में पहले कार और फिर घर खरीदना है। कम उम्र में निवेश शुरू करने से उनका भविष्य को लेकर भरोसा लगातार बढ़ा है।
क्या करें और कैसे निवेश करें
- युवाओं को सैलरी मिलते ही सबसे पहले 20 से 30 प्रतिशत राशि निवेश के लिए अलग कर देनी चाहिए।
- शुरुआत छोटी एसआईपी से करें ताकि बोझ महसूस न हो और समय के साथ रकम बढ़ती रहे।
- शेयर और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों में निवेश को संतुलित रखें और जोखिम को समझते हुए प्लान बनाएं।
- कम से कम छह महीने की सैलरी के बराबर इमरजेंसी फंड जरूर तैयार करें।
- 50-30-20 फॉर्मूला अपनाकर खर्च, सेविंग और निवेश को अलग अलग रखें।
- डिजिटल टूल्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से निवेश की जानकारी लें और जरूरत पड़ने पर फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह लेकर लंबे समय के लक्ष्य तय करें, ताकि कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिल सके।


