गरारी पंचायत के देवरा तकिया में नल-जल योजना ठप:जलजमाव से ग्रामीण परेशान, बीडीओ ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया

गरारी पंचायत के देवरा तकिया में नल-जल योजना ठप:जलजमाव से ग्रामीण परेशान, बीडीओ ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया

गया जिले के कोंच प्रखंड अंतर्गत गरारी पंचायत के देवरा तकिया महादलित टोला में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। मंगलवार दोपहर को सामने आई जानकारी के अनुसार, गांव में नल-जल योजना और नाली निर्माण की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। स्थानीय निवासी पंकज कुमार और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जब से नल-जल योजना का संचालन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के हाथों में गया है, तब से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। गांव में नाली निर्माण नहीं होने के कारण गंभीर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। गंदगी के बीच से आवागमन करने को मजबूर ग्रामीण संक्रामक बीमारियों के खतरे का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, गांव में एक अत्यंत प्राचीन कुआँ है जिसका जीर्णोद्धार नहीं हुआ है। इसकी जर्जर स्थिति किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जिला पदाधिकारी गया और जिला उपायुक्त को लिखित आवेदन के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया है। इसके बावजूद, अब तक किसी भी अधिकारी ने गांव की सुध नहीं ली और न ही योजनाओं का लाभ धरातल पर पहुंचा है। इस संबंध में, बीडीओ विपुल भारद्वाज ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को जल्द ही सुधारा जाएगा। गया जिले के कोंच प्रखंड अंतर्गत गरारी पंचायत के देवरा तकिया महादलित टोला में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। मंगलवार दोपहर को सामने आई जानकारी के अनुसार, गांव में नल-जल योजना और नाली निर्माण की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। स्थानीय निवासी पंकज कुमार और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जब से नल-जल योजना का संचालन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के हाथों में गया है, तब से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। गांव में नाली निर्माण नहीं होने के कारण गंभीर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। गंदगी के बीच से आवागमन करने को मजबूर ग्रामीण संक्रामक बीमारियों के खतरे का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, गांव में एक अत्यंत प्राचीन कुआँ है जिसका जीर्णोद्धार नहीं हुआ है। इसकी जर्जर स्थिति किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जिला पदाधिकारी गया और जिला उपायुक्त को लिखित आवेदन के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया है। इसके बावजूद, अब तक किसी भी अधिकारी ने गांव की सुध नहीं ली और न ही योजनाओं का लाभ धरातल पर पहुंचा है। इस संबंध में, बीडीओ विपुल भारद्वाज ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को जल्द ही सुधारा जाएगा।  

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