गुरुग्राम के सोहना में नगर परिषद परिसर में मंगलवार को आयोजित पार्षदों की बैठक भारी हंगामे का कारण बनी। बैठक के दौरान पार्षदों ने जी.एल.एस. सोसाइटी और सेंट्रल पार्क प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों संस्थाएं अधिकारियों की मिलीभगत से परिषद को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचा रही हैं। अवैध निर्माण और कब्जों पर उठे सवाल
पार्षदों ने आरोप लगाया कि जी.एल.एस. सोसाइटी ने अवैध रूप से कई किलोमीटर तक परिषद की भूमि में पाइपलाइन बिछा दी है, जबकि सेंट्रल पार्क प्रबंधन ने गरीबों के लिए निर्धारित 100-100 गज के प्लॉटों पर बिना स्वीकृत नक्शे के बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी हैं। इसके अलावा, जिस नाले की भूमि पर निर्माण प्रतिबंधित है, वहाँ भी कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैठक में बस स्टैंड मार्ग पर बनी छह दुकानों पर जबरन कब्जे का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षदों ने कहा कि इन दुकानों पर पूर्व पार्षद ने कब्जा किया हुआ है और परिषद को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। विजिलेंस जांच के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
इन सभी मामलों को लेकर बैठक में मौजूद पार्षदों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर विजिलेंस जांच की मांग की, ताकि राजस्व हानि और अवैध कब्जों की सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों पर ‘सुविधा शुल्क’ लेने का आरोप
बैठक के दौरान पार्षदों ने अधिकारियों पर कार्य में अड़ंगा डालने और ‘सुविधा शुल्क’ लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इसी कारण ठेकेदार काम करने से कतराते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। 24 विकास प्रस्तावों पर बनी सहमति
हालांकि हंगामे के बीच पार्षदों ने शहर के विकास से जुड़े करीब 24 प्रस्तावों पर अपनी सहमति भी जताई। बैठक में कई पार्षद अनुपस्थित रहे, जबकि उपस्थित सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। चेयरपर्सन प्रीति बागड़ी ने की बैठक की अध्यक्षता
बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद चेयरपर्सन प्रीति बागड़ी ने की। इस दौरान नवनियुक्त मनोनीत पार्षदों ने पहली बार सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक में पार्षद हरीश नंदा, गुरबचन, राकेश, सत्ते, वेद काल शर्मा, नितिन यादव, कपिल सैनी और मनोज अधाना सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया और अपने विचार रखे।


