अंबिकापुर के मैनपाट के कंडराजा के बाद सपनादर में बाक्साइट खदान खोलने के लिए आयोजित जनसुनवाई में जमकर हंगामा हुआ। जनसुनवाई में पहुंचे अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि बिना ग्रामसभा की सहमति के ही जनसुनवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है। मैनपाट के सपनादर में बाक्साइट उत्खनन के लिए 171 हेक्टेयर जमीन की लीज निजी खनन कंपनी मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड को मिली है। इसकी वार्षिक क्षमता एक लाख 27 हजार 800 टन है। खदान की स्वीकृति के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई मंगलवार को कमलेश्वरपुर में आयोजित की गई है। कड़ी सुरक्षा के बीच जनसुनवाई, जमकर हंगामा
जनसुनवाई में हंगामे की स्थिति को देखते हुए एएसपी अमोलक सिंह के नेतृृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। जनसुनवाई शुरू करने के पहले ही लोगों ने जनसुनवाई निरस्त करने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामें के कारण जनसुनवाई देर से शुरू हो सकी। जनसुनवाई में कुछ बाहरी लोग भी पहुंचे थे, जिन्होंने खनन के पक्ष में अपनी बात रखी। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों का विरोध करते हुए हंगामा किया एवं बाहरी व्यक्तियों को बलपूर्वक खदेड़ दिया। इससे विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने बीच-बचाव किया। ग्रामसभा के पूर्व जनसुनवाई का विरोध
जनसुनवाई में पहुंचे अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि ग्रामसभा की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। जो प्रभावित लोग हैं, उन्हें पता ही नहीं है कि किस बात की जनसुनवाई हो रही है। पहले ग्रामसभा से अनापत्ति की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग ने कहा कि निजी कंपनी द्वारा मैनपाट में बाक्साइट उत्खनन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। बिना ग्रामसभा के जनसुनवाई पूरी तरह से अवैध है। स्थानीय लोगों में आक्रोश, नहीं चाहते खदान खुले
मैनपाट में बाक्साइट की खदानों को निजी कंपनी एवं सीएमडीसी को दिया गया है। बाक्साइट खदानों से अब तक मैनपाट को कोई लाभ नहीं हुआ है। उल्टे पीएमजीएसवाई एवं ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के चलने से नुकसान हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे नहीं चाहते की बाक्साइट की खदानें खुले। इसके पहले 30 नवंबर को नर्मदापुर में आयोजित जनसुनवाई का विरोध करते हुए लोगों ने टेंट पंडाल भी उखाड़ दिया था। कंडराजा में बाक्साइट उत्खनन के लिए सहमति बनाने नर्मदापुर में जनसुनवाई आयोजित की गई थी। इसमें 95 प्रतिशत लोगों ने खदान के विरोध में अपना अभिमत दिया है।


