दोस्त की हत्या करने वाले 2 दोषियों को सजा:भागलपुर में 3 साल पहले घूमने के बहाने बुलाया था, मर्डर के बाद लाश लगाया था ठिकाने

दोस्त की हत्या करने वाले 2 दोषियों को सजा:भागलपुर में 3 साल पहले घूमने के बहाने बुलाया था, मर्डर के बाद लाश लगाया था ठिकाने

भागलपुर में हत्याकांड मामले में 2 को सजा मिली है। करीब तीन साल पहले 5 दोस्तों ने मिलाकर अपने ही साथी की हत्या की थी। अपर लोक अभियोजक मो. रियाज हुसैन ने बताया कि घटना दिसंबर 2023 की है। जिले के इशाकचक थाना क्षेत्र निवासी सोनू को उसके ही 5 दोस्तों ने घूमने के बहाने बुलाया था। इसी दौरान पहले से रची गई साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाकर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की गई, ताकि किसी तरह का साक्ष्य पुलिस के हाथ न लग सके। घटना के बाद मृतक की मां रेखा देवी के बयान पर इशाकचक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर मामला कोर्ट तक पहुंचा। सजा के साथ जुर्माना भी लगा लंबी सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद एडीजे-19 की अदालत ने 27 अप्रैल को आरोपी गिरधारी ठाकुर और अमित कुमार को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 मई की तारीख तय की गई थी। आज सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के तहत 7 वर्ष की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 201 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त तीन महीने की सजा भुगतनी होगी। भागलपुर में हत्याकांड मामले में 2 को सजा मिली है। करीब तीन साल पहले 5 दोस्तों ने मिलाकर अपने ही साथी की हत्या की थी। अपर लोक अभियोजक मो. रियाज हुसैन ने बताया कि घटना दिसंबर 2023 की है। जिले के इशाकचक थाना क्षेत्र निवासी सोनू को उसके ही 5 दोस्तों ने घूमने के बहाने बुलाया था। इसी दौरान पहले से रची गई साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाकर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की गई, ताकि किसी तरह का साक्ष्य पुलिस के हाथ न लग सके। घटना के बाद मृतक की मां रेखा देवी के बयान पर इशाकचक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर मामला कोर्ट तक पहुंचा। सजा के साथ जुर्माना भी लगा लंबी सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद एडीजे-19 की अदालत ने 27 अप्रैल को आरोपी गिरधारी ठाकुर और अमित कुमार को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 मई की तारीख तय की गई थी। आज सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के तहत 7 वर्ष की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 201 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त तीन महीने की सजा भुगतनी होगी।  

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