मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) में 15 और 16 नवंबर को 12वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। दो दिनों तक चले इस समारोह में कुल 3,508 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 3,007 स्नातक (ग्रेजुएशन), 377 स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएशन) और 124 पीएचडी शामिल रहे। इस साल 48 छात्रों को स्वर्ण पदक भी दिए गए। समारोह की शुरुआत रंग-बिरंगी शैक्षणिक शोभायात्रा और मणिपाल कुलगीत के साथ हुई, जिसे देखकर पूरा परिसर उत्साह से भर गया। इस मौके पर छात्रों के साथ उनके परिवार, शिक्षकों और कई उद्योग व अकादमिक जगत के खास मेहमान मौजूद रहे। समारोह के अंतिम दिन मुख्य अतिथि टाटा एआईए लाइफ के एमडी एवं सीईओ वेंकटाचलम् अय्यर और चेयरपर्सन एस. वैथीश्वरन सहित कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा, प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. करूणाकर ए. कोटेगार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वैथीश्वरन ने छात्रों को डिग्रियां दीं, जबकि मुख्य अतिथि अय्यर ने गोल्ड मेडल और पीएचडी की उपाधियां प्रदान कीं। कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 14 वर्षों में एमयूजे ने तेजी से प्रगति की है और आज यह देश के प्रमुख शिक्षा संस्थानों में गिना जाता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी पढ़ाई का उपयोग समाज और देश के लिए सकारात्मक कामों में करें। मुख्य अतिथि अय्यर ने एमयूजे की आधुनिक सुविधाओं और सक्रिय शैक्षणिक माहौल की तारीफ करते हुए छात्रों से कहा कि मेहनत, ईमानदारी और नई सोच ही सफल जीवन की कुंजी है। दो दिनों तक चले इस भव्य आयोजन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह के बाद कैंपस में जश्न का माहौल नजर आया। छात्र और उनके परिवार इस खास पल को तस्वीरों और खुशियों के साथ मनाते दिखे।


