अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत एक सहायक अध्यापक ने वंदेमातरम बोलने का विरोध किया। वह स्कूल की हेडमास्टर और अन्य शिक्षकों से भिड़ गया और कहा कि यह हमारे मजहब के खिलाफ है। हम वंदेमातरम के नारे नहीं लगा सकते हैं। स्कूल में मुस्लिम बच्चे भी पढ़ते हैं। इतना ही नहीं आरोपी शिक्षक ने स्कूल में जमकर अभद्रता और अपशब्द बोले। जिसके बाद शिक्षकों ने इसकी शिकायत तत्काल विभागीय अधिकारियों से की। घटना की जानकारी मिलने पर ब्लाक शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और अन्य शिक्षकों के बयान लिए। मामला सही पाए जाने पर बीएसए ने आरोपी शिक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया है। शिक्षक बोला, मेरा धर्म और मै वंदेमातरम के विरोधी सारा मामला लोधा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर कुतुब का है। बुधवार को स्कूल में प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान हुआ। जिसके बाद बच्चों को वंदेमातरम के नारे लगवाए गए। स्कूल के अन्य शिक्षक वंदेमातरम के नारे लगवा रहे थे, तभी स्कूल के सहायक अध्यापक शमसुल हसन भड़क उठे। वह स्कूल की हेडमास्टर और अन्य शिक्षकों से भिड़ गए और कहा कि वह वंदेमातरम के नारे न लगवाएं। आरोपी शिक्षक ने कहा कि स्कूल में मुस्लिम बच्चे हैं और वंदेमातरम बुलवाना गलत है। क्योंकि उनके धर्म में इसका विरोध होता है। शिक्षक ने कहा कि वह भी वंदेमातरम बोलने का विरोधी है और अगर ऐसा हुआ तो वह मुस्लिमों की बैठक बुलवाएगा। बीएसए ने लिए शिक्षकों के लिखित बयान ब्लाक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करके बीएसए को रिपोर्ट भेज दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए डॉ राकेश सिंह और डीसी निर्माण तत्काल स्कूल पहुंचे और वहां पर कार्यरत अन्य शिक्षकों से पूछताछ की। बीएसए ने स्कूल की हेडमास्टर सुषमा रानी, सहायक अध्यापक चंद्रपाल सिंह, प्रेमलता, सवीहा साबिर, महेश बाबू और राजकुमारी से पूछताछ की। सभी ने बीएसए को बताया कि आरोपी शिक्षक शमसुल हसन ने वंदेमातरम का विरोध किया। जिसके बाद स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षकों से उनके लिखित बयान लिए गए। आरोपी ने वंदेमातरम के नारे न लगवाने की बात स्कूल में कार्यरत अन्य शिक्षकों के साथ ही बीएसए ने आरोपी सहायक अध्यापक शमसुल हसन से भी पूछताछ की। जिसमें आरोपी शिक्षक ने लिखित रूप से बीएसए को अवगत कराया कि पहली बार एसेंबली में वंदेमातरम के नारे लगवाए गए थे। इस पर उसने आहिस्ता से और प्यार भरे लहेजे में वंदेमातरम के नारे न लगवाने की बात कही थी। जिसके बाद अन्य शिक्षक उससे अभद्रता करने लगे। शिक्षक ने किया शासन के आदेश का उल्लंघन बीएसए डॉ राकेश सिंह ने बताया कि देश के राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में पूरे साल होने वाले कार्यक्रम में वंदेमातरम बोलने के निर्देश हैं। शासन ने इसके लिए आदेश जारी किए हैं और सभी स्कूलों में वंदेमातरम बोलने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षक ने वंदेमातरम का विरोध करके शासन के आदेश का उल्लंघन किया है और शिक्षक नियमावली का भी उल्लंघन किया है। जिसके चलते उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और उसे निलंबन काल में गंगीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय राजगहीला से संबद्ध किया गया है।


