Sachin Tendulkar Retirement Story: दो दशकों तक भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे सचिन तेंदुलकर को 2013 में संन्यास लेने के लिए मजबूर किया गया था। चयनकर्ताओं के इस फैसले से मास्टर ब्लास्टर भी हैरान रह गए थे।
Sandeep Patil on Sachin Tendulkar: क्या आप सोच सकते हैं कि जिस भारतीय क्रिकेटर ने दो दशकों तक अकेले टीम इंडिया की बल्लेबाजी का भार उठाया हो, उसे भी BCCI ने रिटायरमेंट लेने के लिए मजबूर कर दिया था। इंटरनेशनल क्रिकेट की पिच पर सचिन तेंदुलकर के नाम आज भी ऐसे कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनके आसपास तक आज तक कोई नहीं पहुंच पाया है। लेकिन इसी महान क्रिकेटर को साल 2013 में BCCI के सेलेक्टर्स ने संन्यास लेने के लिए मजबूर कर दिया था। खुद मास्टर ब्लास्टर भी यह बात सुनकर हैरान रह गए थे कि चयनकर्ता उन्हें टीम से बाहर करना चाहते हैं।
आज भी नहीं टूटे सचिन के रिकॉर्ड्स
1989 में इंटरनेशनल पिच पर कदम रखने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में 200 टेस्ट, 463 वनडे और 1 टी20 मुकाबला खेला है। सचिन तेंदुलकर ने अपना इकलौता टी20 इंटरनेशनल मुकाबला 2006 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था, जिसमें भारतीय टीम को जीत मिली थी। सचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। उनके नाम टेस्ट में 51 और वनडे में 49 शतक दर्ज हैं। इसके अलावा वह वनडे में एक दोहरा शतक और टेस्ट में 6 दोहरे शतक भी लगा चुके हैं।
उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 15,921 रन और वनडे में 18,426 रन दर्ज हैं। सचिन तेंदुलकर का टेस्ट में औसत 53.79 रहा है। वनडे में उनका हाई स्कोर 200 जबकि टेस्ट में 248 रहा है। सचिन तेंदुलकर ने गेंदबाजी में भी योगदान दिया है। उनके नाम टेस्ट में 46 विकेट और वनडे में 154 विकेट दर्ज हैं। लेकिन इसी महान बल्लेबाज को टीम से बाहर करने के लिए चयनकर्ताओं ने 2012 के आखिर में योजना तैयार कर ली थी और आखिरकार सचिन तेंदुलकर को 2013 में संन्यास लेना पड़ा।
सचिन को रिप्लेस करना चाहते थे सेलेक्टर्स
2011 वर्ल्ड कप जीतने के बाद सचिन तेंदुलकर का फॉर्म अच्छा नहीं रहा, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने उनके रिप्लेसमेंट की तलाश शुरू कर दी। इस बात का खुलासा टीम इंडिया के पूर्व चयनकर्ता संदीप पाटिल ने किया था। संदीप पाटिल के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में सनसनी मच गई। उन्होंने बताया कि बीसीसीआई सचिन तेंदुलकर को हटाने की योजना बना रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही संन्यास लेने का फैसला कर लिया।
पाटिल ने बताया कि वह खुद सचिन तेंदुलकर से उनके आगे की योजना के बारे में पूछने गए थे। इस पर सचिन हैरान रह गए थे। पाटिल ने कहा कि उन्होंने सचिन से कहा था कि “हम आपको रिप्लेस करना चाहते हैं।” यह सुनकर सचिन ने पूछा था कि “क्या आप सीरियस हैं?” और इसके जवाब में संदीप पाटिल ने हां कहा था।
हालांकि पाटिल ने यह भी साफ किया कि चयनकर्ता किसी भी खिलाड़ी को यह नहीं बता सकते कि उसका करियर खत्म हो गया है। वे सिर्फ खिलाड़ी को टीम में शामिल या बाहर रखने का फैसला कर सकते हैं, संन्यास लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने अपना आखिरी वनडे बांग्लादेश के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था, जबकि अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने कुछ समय तक आईपीएल खेला, लेकिन बाद में उन्होंने आईपीएल से भी संन्यास ले लिया।
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