Twisha Sharma CBI investigation update: अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, CBI ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच औपचारिक रूप से अब अपने हाथों में ले ली है। जांच हाथ में लेते ही सीबीआई का मुख्य फोकस उन संभावित वजहों और ‘ट्रिगर पॉइंट्स’ पर टिक गया है, जिन्होंने ट्विशा को इस भयानक कदम को उठाने पर मजबूर किया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी अब ट्विशा की जिंदगी के आखिरी कुछ दिनों के पूरे घटनाक्रम यानी क्रोनोलॉजी को नए सिरे से जोड़ने की कोशिश कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर उन बंद दरवाजों के पीछे ऐसा क्या चल रहा था जिसने एक हंसती-खेलती अभिनेत्री को अंदक से पूरी तरह तोड़ दिया था।
ट्विशा शर्मा की मौत की जांच करेंगी CBI (CBI investigate Twisha Sharma Whatsapp Chat and MTP history)
CBI के रडार पर सबसे पहले ट्विशा द्वारा अपनी मां को भेजे गए वह वॉट्सऐप मैसेज हैं, जिनमें उन्होंने अपनी जिंदगी में चल रही समस्या, मानसिक प्रताड़ना और गहरे दर्द का जिक्र किया था। जांचकर्ता यह कड़ियों से कड़ियां मिलाकर देख रहे हैं कि क्या ट्विशा की मानसिक स्थिति में यह बदलाव धीरे-धीरे आया था या मौत से ठीक पहले कोई ऐसी बड़ी घटना घटी जिसने उन्हें हिलाकर रख दिया था। इसके लिए ट्विशा के फोन की आखिरी वॉट्सऐप चैट, कॉल लॉग्स और उनकी टाइमिंग का बारीकी से जांच की जा रही है, जो इस मामले को सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इन दो खुलासों ने उड़ाए होश (Twisha Sharma post mortem report details)
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के कुछ निष्कर्ष सीबीआई की जांच का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बनने वाले हैं। इस रिपोर्ट में दो बेहद चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं….
- एमटीपी (MTP) का इतिहास: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की मौत से ठीक एक हफ्ते पहले कथित तौर पर एमटीपी यानी गर्भपात/गर्भावस्था का चिकित्सकीय समापन कराए जाने का जिक्र है। सीबीआई अब अस्पताल के रिकॉर्ड, डॉक्टरों के परामर्श दस्तावेज और आपसी बातचीत के जरिए इस बात की जांच करेगी कि क्या यह गर्भपात ट्विशा की मर्जी से हुआ था या इसके लिए उन पर कोई दबाव था, और क्या इसका उनकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा था।
- शरीर पर चोट के निशान: ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले की कई मामूली चोटों के निशान पाए गए हैं। अब फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि ये चोटें कितनी पुरानी थीं- क्या ये मौत के ठीक पहले की हैं या कुछ दिनों पहले उनके साथ कोई शारीरिक मारपीट की गई थी।

मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सीबीआई के आने के बाद अब जांच हवा-हवाई आरोपों से हटकर ठोस सबूतों और कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित होगी। ट्विशा की परेशानी कब शुरू हुई, चोटें किस बात का इशारा करती हैं और आखिरी घंटों में क्या हुआ- इन सब सवालों के जवाब जल्द ही सामने आएंगे।”


