भरतपुर शहर के काली बगीची स्थित शमशान की स्थिति बद से बत्तर है। कल देर रात एक बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार टॉर्च की रोशनी में किया गया। श्मशान में लाइट नहीं है। इसलिए रात में लोगों को शवों के अंतिम संस्कार करने के लिए मोबाइल की रोशनी और टॉर्च का इस्तेमाल करना पड़ता है। अंतिम संस्कार करने के लिए घर से मंगवाई टॉर्च लोकेश निवासी मोरी चार बाग़ ने बताया कि हमारे कल ताऊ जी जगदीश प्रसाद (92) का निधन बिमारी की वजह से हो गया। देर रात 9 बजे करीब उनके शव के अंतिम संस्कार के लिए उनका शव काली की बगीची ले जाया गया। जहां पूरी तरह से अंधेरा था। अंधेरे के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। अंधेरे की वजह से घर से टॉर्च मंगवाई गई। सभी लोगों ने अपनी मोबाइल की रोशनी से अंतिम संस्कार के लिए सामान इकठ्ठा किया। मोबाइल की रोशनी से किया सामान इकठ्ठा लोकेश ने बताया कि टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में काफी मुश्किल से जगदीश प्रसाद के शव का अंतिम संस्कार हो सका। काली की बगीची श्मशान में कहीं भी लाइट की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं देता। देर रात में शव का अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है।


