गांधीनगर । केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत को आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तब विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में खेल एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकता है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री ने कहा कि 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने की भारत की प्रतिबद्धता उसकी बढ़ती शक्ति का प्रतीक है। मांडविया ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अनुसंधान सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें 2036 में देश में ओलंपिक का आयोजन करना है। यह भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।”मंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब भारत 2047 में एक विकसित देश बनने की ओर बढ़ रहा है और आजादी का शताब्दी वर्ष मनायेगा तब खेल इस लक्ष्य को हासिल करने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकते हैं। मांडविया ने अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर जोर देते हुए कहा, ‘‘ हम अगर अनुसंधान और नए विचारों को लागू करने में विफल रहे तो लगातार प्रगति करने वाली दुनिया में पीछे रह जायेंगे।”उन्होंने कहा, ‘‘ जब हम खेलों को बढ़ावा देते हैं तो हमें कई मुद्दों का समाधान मिल जाता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ का नारा दिया और नागरिकों को फिट रखने के लिए ‘फिट इंडिया’ अभियान शुरू किया।” उन्होंने कहा, ‘‘ ‘फिट इंडिया’ नागरिकों के बीच शारीरिक और मानसिक फिटनेस सुनिश्चित करने के बारे में है और ऐसे लोग एक आदर्श समाज बनाते हैं, जो स्वस्थ हो और एक विकसित देश का मार्ग प्रशस्त करे।” केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ खेल देश की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2036 तक हमें खेल क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 10 में आना है और 2047 में जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा तो हमें खेलों में शीर्ष पांच में रहना है।
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