सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का देश भर में आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने देशवासियों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने लोगों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। नया भारत अपने इतिहास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है संजय सरावगी ने कहा कि नया भारत अब अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और आत्मसम्मान को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों तक भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयास हुए, लेकिन देश की आत्मा कभी नहीं टूटी। जिन प्रतीकों को भुलाया गया, आज उन्हें मिल रहा सम्मान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि NDA सरकार के नेतृत्व में आज देश उन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीकों को पुनः सम्मान दे रहा है, जिन्हें दशकों तक उपेक्षित रखा गया था। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक मजबूत कड़ी है, जो देश को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा। 8 से 11 जनवरी 2026 तक देशभर में होंगे कार्यक्रम संजय सरावगी ने जानकारी दी कि 8 से 10 जनवरी 2026 तक देशभर में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक स्मृति को सशक्त किया जाएगा। वहीं 10 जनवरी 2026 को देशभर के सभी प्रमुख शिवालयों में दीप प्रज्वलन, ओंकार जप का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 11 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर से एक भव्य संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की औपचारिक शुरुआत होगी। यह यात्रा देश को आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध के सूत्र में बांधने का कार्य करेगी। सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का देश भर में आयोजन किया जा रहा है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने देशवासियों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने लोगों से इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। नया भारत अपने इतिहास और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है संजय सरावगी ने कहा कि नया भारत अब अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और आत्मसम्मान को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों तक भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयास हुए, लेकिन देश की आत्मा कभी नहीं टूटी। जिन प्रतीकों को भुलाया गया, आज उन्हें मिल रहा सम्मान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि NDA सरकार के नेतृत्व में आज देश उन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीकों को पुनः सम्मान दे रहा है, जिन्हें दशकों तक उपेक्षित रखा गया था। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक मजबूत कड़ी है, जो देश को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा। 8 से 11 जनवरी 2026 तक देशभर में होंगे कार्यक्रम संजय सरावगी ने जानकारी दी कि 8 से 10 जनवरी 2026 तक देशभर में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक स्मृति को सशक्त किया जाएगा। वहीं 10 जनवरी 2026 को देशभर के सभी प्रमुख शिवालयों में दीप प्रज्वलन, ओंकार जप का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 11 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर से एक भव्य संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। इसी के साथ सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की औपचारिक शुरुआत होगी। यह यात्रा देश को आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध के सूत्र में बांधने का कार्य करेगी।


