Shashi Tharoor का ‘बगावती’ तेवर! कोच्चि में हुए अपमान के बाद कांग्रेस की हाई-लेवल बैठक से बनाई दूरी

Shashi Tharoor का ‘बगावती’ तेवर! कोच्चि में हुए अपमान के बाद कांग्रेस की हाई-लेवल बैठक से बनाई दूरी
गई एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, थरूर का यह कदम हाल ही में कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए ‘अपमान’ के प्रति उनके कड़े विरोध को दर्शाता है।

शशि थरूर कांग्रेस की अहम मीटिंग में शामिल नहीं होंगे

सूत्रों के अनुसार, यह फैसला तब लिया गया जब थरूर को कोच्चि में एक महापंचायत कार्यक्रम में “अपमानित” महसूस हुआ, जहां पार्टी सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे। अहम चर्चा मीटिंग से थरूर की गैरमौजूदगी हाई-स्टेक वाले राज्य चुनावों से पहले पार्टी के अंदरूनी मतभेद का संकेत देती है।
कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया है कि वह फिलहाल कांग्रेस के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व दोनों से नाराज़ हैं, जिसके कारण उन्होंने मीटिंग में शामिल न होने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, थरूर ने अपने करीबी सहयोगियों को अपनी निराशा बताई है, और कहा है कि यह घटना पार्टी के अंदर उनके योगदान की अनदेखी के एक बड़े पैटर्न को दिखाती है।

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कोच्चि इवेंट में, बैठने और बोलने के शेड्यूल को लेकर दिक्कतें आईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, थरूर को बताया गया था कि उनके बाद सिर्फ राहुल गांधी बोलेंगे, लेकिन बाद में दूसरे नेताओं ने भी भाषण दिया। व्यवस्थाओं को लेकर यह कन्फ्यूजन सार्वजनिक अपमान के तौर पर देखा गया, खासकर कांग्रेस में थरूर की वरिष्ठता को देखते हुए।
शुरुआती निर्देश के बावजूद, राहुल गांधी के आने के बाद कई अन्य पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, तय प्लान से यह बदलाव थरूर की नाराजगी का कारण बना, खासकर वक्ताओं के क्रम के संबंध में प्रोटोकॉल के उल्लंघन को देखते हुए।
इस घटना ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच आंतरिक अनुशासन और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान के बारे में चर्चा शुरू कर दी है। महापंचायत में अपने भाषण के दौरान, राहुल गांधी ने थरूर का नाम नहीं लिया। पर्यवेक्षकों ने कहा कि थरूर की पार्टी और राज्य में प्रमुखता को देखते हुए यह बात ध्यान देने योग्य थी।
 

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सूत्रों ने बताया कि पहचान की कमी ने थरूर द्वारा व्यक्त की गई कुल मिलाकर असंतोष की भावना में योगदान दिया। हालांकि थरूर कांग्रेस हाई कमान की मीटिंग में शामिल नहीं होंगे, लेकिन वह आज केरल साहित्य महोत्सव में हिस्सा लेने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी ने थरूर की कथित परेशानी या केरल चुनाव मीटिंग में शामिल न होने के उनके फैसले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

आलाकमान की चुप्पी और आगे की राह

फिलहाल कांग्रेस आलाकमान या राहुल गांधी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। केरल में सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन (LDF) और भाजपा इस आंतरिक कलह पर पैनी नजर रख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि थरूर की नाराजगी जल्द दूर नहीं की गई, तो चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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