राजस्थान विश्वविद्यालय ने बैकलॉग वाले 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। ऐसे विद्यार्थी जिनके पहले व दूसरे सेमेस्टर के पेपर्स ड्यू रह जाने के कारण वे 5वें सेमेस्टर में प्रवेश नहीं ले पा रहे थे, उनको एक और अवसर मिलेगा। उनके संशोधित परीक्षा परिणाम एक-दो दिन में विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड होंगे। इसके बाद इससे प्रभावित विद्यार्थी 5वें सेमेस्टर में प्रवेश के लिए 10 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे। मंगलवार को राजस्थान विश्वविद्यालय की अकादमी परिषद के बैठक में विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया गया। कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय में सत्र 2023-24 से लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सेमेस्टर से सम्बन्धित परेशानियों पर मंथन हुआ। इसके बाद उन्हें एक और अवसर देने का निर्णय लिया। साथ ही नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को समझाने के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए। कटेजा ने बताया कि एनईपी को अभी विद्यार्थी समझ नहीं पा रहे हैं। इसलिए विद्यार्थियों को राहत देने की निर्णय लिया गया। सतत मूल्यांकन क्लीयर करना जरूरी, इंटर्नशिप भी करनी होगी {सतत मूल्यांकन में क्लीयर है, तो विद्यार्थी पहले या दूसरे सेमेस्टर की शेष परीक्षा तीसरे व चौथे सेमेस्टर के साथ दे सकते हैं। {सभी विषम सेमेस्टर पहले, तीसरे, 5वें व 7वें के विद्यार्थियों को सम-सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा। {ईओएसई में एपीयर होने के लिए हर कोर्स का सतत् मूल्यांकन क्लियर करना एवं 75% उपस्थिति जरूरी। {सतत् मूल्यांकन एवं एंड ऑफ सेमेस्टर एग्जाम में 40% अथवा कम से कम सी ग्रेड प्राप्त करना जरूरी है। {3 या 4 वर्षीय प्रोग्राम में 120 घंटे/तीन सप्ताह की इंटर्नशिप किसी भी संगठन, उच्च शिक्षण संस्था, परोपकारी संस्था, किसान, सरकारी संगठन, उद्यम, प्रतिष्ठित संस्था / व्यक्ति, कार्पोरेट आदि से की जा सकती है। सर्टिफिकेट भी आवश्यक होगा। कॉलेजों को नियुक्त करने होंगे काउंसलर: सभी कॉलेजों को विद्यार्थियों को एनईपी प्रावधान समझाने, सुविधाजनक बनाने के लिए दो एनईपी काउन्सलर्स, एक इंटर्नशिप नोडल ऑफिसर एवं इंटर्नशिप सुपरवाइजर बनाने के निर्देश दिए।


