डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर कार्यों को किया याद

मधुबनी | राजकीयकृत मध्य विद्यालय सप्ता शहरी मधुबनी में भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। विद्यालय के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित प्रभारी प्रधानाध्यापक हेमंत कुमार ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया एवं उनके जीवनी पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाले। राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 ई को बिहार के सिवान जिले के जीरादेइई में हुआ था। उनके पिताजी का नाम महादेव सहाय एवं माता का नाम कमलेश्वरी देवी थी। पत्नी का नाम राजवंशी देवी था। 26 जनवरी 1950 ई को स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। 1962 ई तक राष्ट्रपति के पद पर रहे। 28 फरवरी 1963 ई को पटना में उनकी मृत्यु हुई। छात्र जीवन में राजेंद्र बाबू विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र थे। मो. अलाउद्दीन, मीनू कुमारी,उमा कुमारी, प्रेमनाथ ठाकुर, सुनील कुमार कापड़ी, अरविंद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। मधुबनी | राजकीयकृत मध्य विद्यालय सप्ता शहरी मधुबनी में भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। विद्यालय के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित प्रभारी प्रधानाध्यापक हेमंत कुमार ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया एवं उनके जीवनी पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाले। राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 ई को बिहार के सिवान जिले के जीरादेइई में हुआ था। उनके पिताजी का नाम महादेव सहाय एवं माता का नाम कमलेश्वरी देवी थी। पत्नी का नाम राजवंशी देवी था। 26 जनवरी 1950 ई को स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। 1962 ई तक राष्ट्रपति के पद पर रहे। 28 फरवरी 1963 ई को पटना में उनकी मृत्यु हुई। छात्र जीवन में राजेंद्र बाबू विलक्षण प्रतिभा के धनी छात्र थे। मो. अलाउद्दीन, मीनू कुमारी,उमा कुमारी, प्रेमनाथ ठाकुर, सुनील कुमार कापड़ी, अरविंद कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।  

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