दुर्लभ खनिज चुंबक सभी देशों से मंगाए जा रहे हैं, जिनमें चीन भी शामिल है: Vaishnav

दुर्लभ खनिज चुंबक सभी देशों से मंगाए जा रहे हैं, जिनमें चीन भी शामिल है: Vaishnav

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि दुर्लभ खनिज चुंबक चीन और जापान समेत उन देशों से मंगाए जा रहे हैं जिनके साथ भारत के समझौते हैं।
मंत्री ने बताया कि भारत दुर्लभ खनिज चुंबकों का स्थानीय उत्पादन शुरू होने के बाद अधिशेष उत्पादन का निर्यात करने की योजना बना रहा है।

वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जिन- जिन देशों के साथ हमारे समझौते हैं, दुर्लभ खनिज चुंबक वहां से ही आते हैं। चाहे वह चीन हो, जापान हो, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा या अमेरिका की कुछ उत्पादन इकाइयां हों, इन सभी देशों से तत्काल आवश्यकता पूरी की जाती है।’’

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘ठोस दुर्लभ खनिज स्थायी चुंबकों के विनिर्माण की 7,280 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना’ को स्वीकृति प्रदान कर दी।
इस योजना के लिए कुल 7,280 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

इसमें पांच वर्षों के लिए आरईपीएम की बिक्री से संबंधित 6,450 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन और 6,000 टन प्रति वर्ष आरईपीएम विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए 750 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी शामिल है।
वैष्णव ने कहा कि देश में आरईपीएम की वार्षिक आवश्यकता लगभग सालाना 4,000 टन की है और भारत अधिशेष उत्पादन को भी निर्यात करने की योजना बना रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *