फुलपरास में एक निजी नर्सिंग होम में अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। डीएम को जानकारी मिली थी कि यह नर्सिंग होम निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर संचालित किया जा रहा था। इस सूचना पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सिविल सर्जन को जांच के आदेश दिए। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने तत्काल एक जांच टीम का गठन किया। इस टीम में डॉ. दयाशंकर सिंह, एसीएमओ डॉ. एस.एन. झा और यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जी.के. ठाकुर शामिल थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नर्सिंग होम पंजीकृत तो था, लेकिन वह निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा था। इस रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन ने नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। फुलपरास में एक निजी नर्सिंग होम में अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। डीएम को जानकारी मिली थी कि यह नर्सिंग होम निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर संचालित किया जा रहा था। इस सूचना पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सिविल सर्जन को जांच के आदेश दिए। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने तत्काल एक जांच टीम का गठन किया। इस टीम में डॉ. दयाशंकर सिंह, एसीएमओ डॉ. एस.एन. झा और यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जी.के. ठाकुर शामिल थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नर्सिंग होम पंजीकृत तो था, लेकिन वह निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा था। इस रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन ने नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।


