मेरठ में कैंट बोर्ड की विशेष बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। यह बैठक मुख्य रूप से सफाई ठेकों के मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी, लेकिन इसमें कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने गृह कर निर्धारण और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठाए। विधायक अमित अग्रवाल ने बोर्ड द्वारा सदर क्षेत्र के एक निवासी को भेजे गए गृह कर निर्धारण नोटिस का हवाला देते हुए छावनी परिषद के टैक्स विभाग की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर स्थित भवनों के कर मूल्यांकन में भारी अंतर देखा जा रहा है, जिससे प्रक्रिया संदिग्ध लगती है। विधायक ने उदाहरण देते हुए बताया कि बॉम्बे बाजार के एक भवन का कर मूल्यांकन 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 48 लाख रुपये कर दिया गया, जिस पर लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक टैक्स देना होगा। बैठक में बोर्ड अध्यक्ष ने इंदौर की घटना का जिक्र करते हुए निर्देश दिए कि कैंट क्षेत्र में मार्च तक पानी की पाइपलाइन को नालियों और सीवरलाइन से अलग करने की रूपरेखा तैयार की जाए। इसका उद्देश्य दूषित पानी से होने वाली घटनाओं को रोकना है। बैठक में रक्षा मंत्रालय द्वारा मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश शर्मा का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। साथ ही मिलिट्री सफाई ठेके को तीन माह के लिए आगे बढ़ाया गया। कैंट अस्पताल में तीन संविदा डॉक्टरों का कार्यकाल एक वर्ष और यूनानी दवाखाने का कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ाया गया। सदर क्षेत्र में अतिक्रमण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया, ताकि नालियों और नालों की सफाई व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जा सके। बोर्ड अध्यक्ष ने अभियान शुरू होने से पहले सभी बाजारों में मुनादी कराने के निर्देश दिए। कूड़ा निस्तारण परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की की मदद ली जाएगी। इसके अलावा, स्टेट बैंक मुख्य कार्यालय में अवैध निर्माण को स्वयं तोड़ने और नक्शे के अनुसार निर्माण करने की सहमति बनी।


