बलिया में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध किया है। शिक्षकों ने ‘शिक्षक की पाती’ कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों को पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस अभियान के अंतर्गत, शिक्षकों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत व उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जैसे प्रमुख प्रतिनिधियों को 1100 पोस्टकार्ड और ईमेल भेजे। जनपद से 1 लाख से अधिक पोस्टकार्ड, ईमेल और ट्वीट भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपस्थित सभी शिक्षक प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि यह शिक्षकों के अस्तित्व की लड़ाई है और इसे हर मोर्चे पर लड़ा जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) लागू होने से पहले नियुक्त और TET से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 01 सितंबर 2025 को TET अनिवार्यता का आदेश पूर्व स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों और परंपराओं के विपरीत है।
शिक्षकों के अनुसार, इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पहले नियुक्त देश के लाखों शिक्षकों, उनके परिवारों और नौनिहालों का भविष्य संकट में आ गया है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा की है कि वह आवश्यक कार्यवाही कर इस आदेश को शिक्षक और राष्ट्र हित में निरस्त कराने की दिशा में सार्थक पहल करे। इस अवसर पर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद बलिया के संयोजक अजय सिंह (प्राथमिक शिक्षक संघ), समीर कुमार पाण्डेय (अटेवा), सतीश सिंह (TSCT), घनश्याम चौबे (विशिष्ट बीटीसी), राजेश सिंह (RSM) और घटक संगठनों के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इनमें राकेश कुमार मौर्य, विनय राय, राधेश्याम पाण्डेय, अभिषेक राय, संजीव कुमार सिंह, संजय पाण्डेय, मलय पाण्डेय, मुकेश सिंह, नारायण जी, रजनीश चौबे, राजेश सिंह, अनिल सिंह, हरेराम सिंह, डॉक्टर आशुतोष शुक्ला, सुरेश वर्मा, नंदलाल मौर्य, राकेश कुमार सिंह, नित्यानंद पांडेय, राजीव नयन पाण्डेय, रवींद्र तिवारी, विवेक सिंह, सिद्धार्थ सिंह, रमेश तिवारी, उपेंद्र नारायण सिंह, संदीप सिंह, जितेंद्र पाण्डेय, योगेंद्र नाथ वर्मा, सतीश वर्मा, रमाकांत जी, मंदाकिनी द्विवेदी, लक्ष्मी पंडित, राजकुमार गुप्ता, संजय सिंह, राजेश गुप्ता, राज बहादुर, मोइनुद्दीन अंसारी, राजू रहमान, शशिकांत, अनूप कुमार, धर्मेंद्र कुमार, श्री भगवान, कमलेश सिंह, पवन सिंह, विनय सिंह बिसेन, प्रदीप, अनूप कुमार, जहांगीर आलम सहित कई अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी साथी शामिल थे।


