गयाजी के 15 APHC पर भी प्रसव पूर्व जांच होगी:मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं भी मिलेंगी, सिविल सर्जन बोले- ये जनहितकारी पहल

गयाजी के 15 APHC पर भी प्रसव पूर्व जांच होगी:मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं भी मिलेंगी, सिविल सर्जन बोले- ये जनहितकारी पहल

गयाजी जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का विस्तार किया गया है। अब जिले के 15 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) पर भी प्रसव पूर्व जांच और मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं तक इन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। यह अभियान प्रत्येक माह की 9, 15 और 21 तारीख को संचालित किया जाता है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं का वजन, रक्तचाप, रक्त परीक्षण, पेट का माप, यूरीन टेस्ट और हीमोग्लोबिन सहित अन्य आवश्यक जांचें की जाती हैं। पहले यह अभियान केवल कुछ चुनिंदा केंद्रों पर ही उपलब्ध था। गहलौर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया शुभारंभ इस विस्तार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को मोहड़ा प्रखंड अंतर्गत गहलौर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया गया। सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम नीलेश कुमार और मोहड़ा की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजया लक्ष्मी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर बीएचएम प्रफुल्ल राज और यूनिसेफ से संजय कुमार भी उपस्थित थे। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम नीलेश कुमार ने बताया कि गहलौर APHC में शुभारंभ के दौरान गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की गई। इसमें हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और यूरीन एल्ब्यूमिन की जांच शामिल थी। साथ ही, उच्च जोखिम वाले प्रसव की पहचान कर आवश्यक परामर्श और फॉलो-अप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। सिविल सर्जन बोले- जिला अस्पतालों से बोझ हटेगा सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद ने जानकारी दी कि राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी मातृत्व स्वास्थ्य डॉ. आकांक्षा कुमारी के निर्देश पर राज्य के कुल 568 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (UPHC) में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का संचालन शुरू हुआ है। उन्होंने इसे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल बताया। इस व्यवस्था से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला अस्पतालों पर अत्यधिक भार में कमी आएगी तथा गर्भवती महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी, जिससे उन्हें दूरस्थ स्वास्थ्य संस्थानों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गया जिला में 15 अ​तिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब इस दिवस का संचालन कर क्षेत्र की गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित की जायेगी। गयाजी जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का विस्तार किया गया है। अब जिले के 15 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) पर भी प्रसव पूर्व जांच और मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं तक इन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। यह अभियान प्रत्येक माह की 9, 15 और 21 तारीख को संचालित किया जाता है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं का वजन, रक्तचाप, रक्त परीक्षण, पेट का माप, यूरीन टेस्ट और हीमोग्लोबिन सहित अन्य आवश्यक जांचें की जाती हैं। पहले यह अभियान केवल कुछ चुनिंदा केंद्रों पर ही उपलब्ध था। गहलौर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया शुभारंभ इस विस्तार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मंगलवार को मोहड़ा प्रखंड अंतर्गत गहलौर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया गया। सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम नीलेश कुमार और मोहड़ा की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजया लक्ष्मी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर बीएचएम प्रफुल्ल राज और यूनिसेफ से संजय कुमार भी उपस्थित थे। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम नीलेश कुमार ने बताया कि गहलौर APHC में शुभारंभ के दौरान गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की गई। इसमें हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और यूरीन एल्ब्यूमिन की जांच शामिल थी। साथ ही, उच्च जोखिम वाले प्रसव की पहचान कर आवश्यक परामर्श और फॉलो-अप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। सिविल सर्जन बोले- जिला अस्पतालों से बोझ हटेगा सिविल सर्जन डॉ. राजाराम प्रसाद ने जानकारी दी कि राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी मातृत्व स्वास्थ्य डॉ. आकांक्षा कुमारी के निर्देश पर राज्य के कुल 568 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (UPHC) में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का संचालन शुरू हुआ है। उन्होंने इसे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल बताया। इस व्यवस्था से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला अस्पतालों पर अत्यधिक भार में कमी आएगी तथा गर्भवती महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी, जिससे उन्हें दूरस्थ स्वास्थ्य संस्थानों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। गया जिला में 15 अ​तिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब इस दिवस का संचालन कर क्षेत्र की गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित की जायेगी।  

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