उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के ‘कन्विक्शन अभियान’ के तहत मुरादाबाद में पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी को सजा सुनाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के मार्गदर्शन में पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी से यह दोषसिद्धि संभव हो पाई। यह मामला थाना सिविल लाइन में मुकदमा संख्या 359/2016 के तहत दर्ज किया गया था। इसमें अभियुक्त छोटू उर्फ सुनील, पुत्र स्व. पिताम्बर, निवासी ग्राम रवाना पट्टी, जिला रामपुर (वर्तमान पता काशीराम नगर कॉलोनी, थाना मझोला, मुरादाबाद) को नामजद किया गया था। घटना 27 मार्च 2016 को हिमगिरी कॉलोनी क्षेत्र में हुई थी। दर्ज शिकायत के अनुसार, अभियुक्त ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर उसके घर से ले गया और उसकी मर्जी के विरुद्ध विवाह के लिए मजबूर किया। बाद में, अभियुक्त ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट-01 में न्यायाधीश अविनाश चन्द्र मिश्र की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एसपीपी मनोज कुमार वर्मा और अभिषेक भटनागर ने प्रभावी पैरवी की। मामले की विवेचना महिला उपनिरीक्षक रजनी द्विवेदी ने की थी, जबकि कांस्टेबल देवेंद्र कुमार (थाना सिविल लाइन) ने पैरवी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायालय ने अभियुक्त छोटू उर्फ सुनील को 16 वर्ष के कठोर कारावास और 28 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को ‘कन्विक्शन अभियान’ की एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से समाज में अपराधियों के प्रति एक कड़ा संदेश जाएगा।


