मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग (एमपीसीएल) का तीसरा सत्र इस बार और भी रोमांचक होने जा रहा है। पहली बार लीग में खिलाड़ियों की आईपीएल की तर्ज पर नीलामी होगी, जहां फ्रेंचाइजी टीमें अपनी पसंद के क्रिकेटरों को बोली लगाकर खरीदेंगी। इससे खिलाड़ियों पर ‘धन वर्षा’ होने की उम्मीद है और प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिलेगा। लीग के वर्तमान अध्यक्ष महानारायण सिंधिया द्वारा शुरू की गई इस प्रतियोगिता के पिछले दो सत्र बेहद सफल रहे। यहां शानदार प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी आईपीएल टीमों में जगह बना चुके हैं। अब तीसरे सत्र में लीग प्रबंधन ने कई नवाचार किए हैं, जिनमें सबसे बड़ा बदलाव खिलाड़ियों की नीलामी प्रक्रिया है। सूत्रों के अनुसार, मार्च में ही नीलामी होने की संभावना है। खिलाड़ियों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जबकि मैच जून में खेले जाएंगे। अभी मैच का विस्तृत टाइम टेबल नहीं आया है लेकिन संभवत: मैच इंदौर और ग्वालियर में खेले जाएंगे। उम्र सीमा का नियम 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को इस लीग में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला बीसीसीआई की नीति के अनुरूप है, जो घरेलू टूर्नामेंट में छोटे आयु वर्ग के लिए टी-20 नहीं कराती। उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को लंबे प्रारूपों (रेड-बॉल क्रिकेट) के प्रति गंभीर बनाना है। फ्रेंचाइजी टीमें जेएन भाया ट्रॉफी (अंतर-संभागीय टी-20) में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेंगी। इससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को टीमों में जगह मिलने और आगे आईपीएल जैसी बड़ी लीग में जाने के रास्ते खुलेंगे। यह बदलाव मध्य प्रदेश क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और राज्य की प्रतिभाओं को बड़ा आर्थिक और खेल लाभ मिलेगा। ये खबर भी पढ़ें… 18 जनवरी के मैच लिए 6.5 करोड़ का बजट पास इंदौर में 18 जनवरी से होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए 6.5 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। हालांकि, टिकट वितरण को लेकर प्रस्तावित नई व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह राशि मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (MPCA) की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में तय हुई है। एमपीसीए की सीडीसी में युवाओं के प्रतिनिधित्व पर भी चर्चा हुई।पूरी खबर पढ़ें


