बायपास मार्ग के नए सर्वे का विरोध:तलून और करी में ग्रामीणों का धरना, घरों के सामने बैनर लगाकर बैठे लोग

बायपास मार्ग के नए सर्वे का विरोध:तलून और करी में ग्रामीणों का धरना, घरों के सामने बैनर लगाकर बैठे लोग

बड़वानी बायपास मार्ग के नए सर्वे के विरोध में ग्राम तलून और करी में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने बैनर लगाकर विरोध जताया। अंजड़, तलून और करी ग्राम क्षेत्रों में प्रस्तावित अंजड़-बड़वानी बायपास मार्ग के नए सर्वे को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीण मुकेश धनगर और अनिल जाट ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पहले से स्वीकृत अंजड़ बायपास मार्ग को बदलकर नए स्थान से सर्वे किया जा रहा है। यह कार्रवाई सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना और पूर्व स्वीकृति के विपरीत है। ग्रामीणों के अनुसार, बड़वानी जिले में एनएच 347-बी के किमी 34+300 से किमी 54+500 (ठिकरी-अंजड़-बड़वानी-रोड) तक के हिस्से में अंजड़ बाईपास के निर्माण, रखरखाव और संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण की घोषणा की गई थी। इस संबंध में सूचना प्रकाशित कर दावे-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व एवं भू-अर्जन अधिकारी, बड़वानी को अधिकृत किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मूल मंशा के अनुरूप बाईपास मार्ग का सर्वे और भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वर्ष 2024 से दिसंबर 2025 तक होनी थी। हालांकि, दिसंबर 2025 से निर्धारित बाईपास मार्ग को छोड़कर, अब नगर अंजड़, ग्राम करी और ग्राम तलून के मध्य से गुजरने वाले खंडवा-बड़ौदा राजमार्ग पर नए सिरे से नाप-जोख की जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि यह कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है और यह मंत्रालय की मंशा के विपरीत है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नगर अंजड़, ग्राम पलासिया, ग्राम तलून और ग्राम करी खंडवा-बड़ौदा राजमार्ग पर स्थित हैं। इस मार्ग के दोनों किनारों पर स्थायी मकान, पेट्रोल पंप और कई बहुमूल्य शासकीय व अशासकीय भवन तथा संस्थाएं मौजूद हैं, जो अपना कार्य संचालित कर रही हैं। नए सर्वे से इन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
नगर अंजड़, ग्राम करी एवं ग्राम तलून में राजमार्ग पर शासकीय वेयर हॉउस, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, पॉलेटेक्निक कॉलेज, शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शासकीय विधि महाविद्यालय, भोज मुक्त विश्व विद्यालय, मध्यप्रदेश पर्यवटन, निगम का मिडवे ट्रीट, स्टेडियम, शासकीय स्कूल, शासकीय हाई स्कूल तलून, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं ग्राम करी एवं तलून के निवासीयों के व्यापारिक प्रतिष्ठान, पक्के आवसीय भवन, धार्मिक एवं सामाजिक स्थल निर्मित हैं, जिनमें आम लोगों का आना जाना लगा रहता होकर राजमार्ग होने से अत्यन्त व्यस्त यातायात रहता है। एवं दुर्घटना की सम्भावना भी बनी रहती है। इस कारण से ग्राम करी एवं ग्राम तलून के बाहर से बायपास रोड़ निकाला जाना अत्यन्त आवश्यक है। यदि ग्राम करी एवं ग्राम तलून के मध्य से फोरलेन बनाया जाता हैं, तो दुर्घटनाओं की सम्भावनाएँ बढ जाावेगी। एवं आम जनजीवन भी प्रभावित होगा। यह कि कथिपय लोगो को फायदा पहुचाने के उदेश्य से बायापास रोड़ का मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है। जिससे ग्राम तलून एवं ग्राम करी में बने शासकीय एवं अशासकीय भवनों, धार्मिक स्थलों, तथा आवासीय भवनों का अधिग्रहण करने में शासन को करोड़ अरबो रूपयों की क्षतिपुर्ति देना होगी, जो कि राष्ट्र, शासन के ही में नही है, ऐसी स्थिति में नगर अंजड़, ग्राम तलून एवं ग्राम करी के बाहर से बायापास मार्ग निकाला जाना आवश्यक हो जाता है।

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