बलरामपुर डीएम विपिन कुमार जैन ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। बी-पैक्स सेखुईकला सहकारी समिति में उर्वरक वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर डीएम ने समिति के सचिव राम उजागर यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। डीएम विपिन कुमार जैन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद वितरण में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई तहसील बलरामपुर में गठित निगरानी टीम की जांच के बाद हुई। टीम ने जिलाधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण किया था। जांच के दौरान दो लोगों को बिना बिल और आधिकारिक दस्तावेज के यूरिया की बोरियां ले जाते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उर्वरक बी पैक्स सेखुईकला समिति से प्राप्त किया गया था। जांच में सामने आया कि जिस वाहन से खाद ढोई जा रही थी, वह सिद्धार्थनगर जिले में पंजीकृत था। इसका गांव नेपाल सीमा से मात्र 200 मीटर दूर स्थित है, जिससे उर्वरक को सीमावर्ती क्षेत्र में खपाने की आशंका बढ़ गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, उर्वरक वितरण रजिस्टर अद्यतन नहीं पाया गया। सचिव और संचालक ने बिना ई-केवाईसी और बिना अंगूठा सत्यापन के खाद का वितरण किया था। पीओएस मशीन के स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में 25 बोरी यूरिया तथा 1 बोरी डीएपी का अंतर मिला। जांच के दौरान सचिव किसी भी बिंदु पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जो गंभीर हेरफेर और संभावित कालाबाजारी की ओर संकेत करता है। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि समिति का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा। खाद वितरण किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


