पूर्व मंत्री व छातापुर से भाजपा विधायक नीरज सिंह बबलू ने मधेपुरा सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर ‘मनरेगा’ का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पहले मनरेगा के नाम से चलती थी, लेकिन अब इसमें बदलाव कर किसानों और मजदूरों के हित में नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। विधायक ने बताया कि पहले जहां साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। पहले इस योजना का पूरा खर्च भारत सरकार वहन करती थी, जबकि अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजना का संचालन करेंगी। मजदूरी भुगतान में काफी परेशानी उन्होंने कहा कि पहले मजदूरों को काम मिलने और मजदूरी भुगतान में काफी परेशानी होती थी। कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब काम करने के एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। साथ ही आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि तय समय में रोजगार नहीं मिलता है तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। योजना की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। किसानों के हितों का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि कटनी और बुआई के समय मजदूरों की कमी हो जाती थी। इसे देखते हुए अब 60 दिनों के लिए इस योजना को स्थगित किया जाएगा, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर मिल सकें। राम का नाम सुनते ही विपक्ष भड़क जाते है विधायक बबलू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा का नाम ‘जी राम जी’ किए जाने से विपक्ष बौखला गया है। उन्होंने कहा कि राम का नाम सुनते ही विपक्ष सांड की तरह भड़क जाता है। महात्मा गांधी के रामराज्य के सपने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार गांधी जी के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रही है। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष महेंद्र पटेल, रालोमो जिलाध्यक्ष रविशंकर कुमार उर्फ पिंटू मेहता मौजूद थे। पूर्व मंत्री व छातापुर से भाजपा विधायक नीरज सिंह बबलू ने मधेपुरा सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता कर ‘मनरेगा’ का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पहले मनरेगा के नाम से चलती थी, लेकिन अब इसमें बदलाव कर किसानों और मजदूरों के हित में नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। विधायक ने बताया कि पहले जहां साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। पहले इस योजना का पूरा खर्च भारत सरकार वहन करती थी, जबकि अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजना का संचालन करेंगी। मजदूरी भुगतान में काफी परेशानी उन्होंने कहा कि पहले मजदूरों को काम मिलने और मजदूरी भुगतान में काफी परेशानी होती थी। कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब काम करने के एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। साथ ही आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि तय समय में रोजगार नहीं मिलता है तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। योजना की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। किसानों के हितों का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि कटनी और बुआई के समय मजदूरों की कमी हो जाती थी। इसे देखते हुए अब 60 दिनों के लिए इस योजना को स्थगित किया जाएगा, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर मिल सकें। राम का नाम सुनते ही विपक्ष भड़क जाते है विधायक बबलू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा का नाम ‘जी राम जी’ किए जाने से विपक्ष बौखला गया है। उन्होंने कहा कि राम का नाम सुनते ही विपक्ष सांड की तरह भड़क जाता है। महात्मा गांधी के रामराज्य के सपने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार गांधी जी के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रही है। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष महेंद्र पटेल, रालोमो जिलाध्यक्ष रविशंकर कुमार उर्फ पिंटू मेहता मौजूद थे।


