National Rover-Ranger Jamboree : छत्तीसगढ़ बहुत खूबसूरत, संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी : राज्यपाल

National Rover-Ranger Jamboree : छत्तीसगढ़ बहुत खूबसूरत, संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी : राज्यपाल

बालोद जिले के ग्राम दुधली में प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की शुरुआत शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व मार्च पास्ट के साथ हुई। शुभारंभ राज्यपाल डॉ. रमेन डेका ने किया। 2 हजार से अधिक बच्चों ने सुआ, डंडा व गेंड़ी नृत्य सहित छतीसगढ़ की पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की संस्कृतियों की झलक 33 राज्यों से आए रोवर-रेंजरों ने देखी। देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक भी दिखाई दी।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान से सीखते हैं सम्मान करना

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ बहुत खूबसूरत है। यहां छत्तीसगढ़ के आलावा देश के सभी राज्यों की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने आयोजन को ऐतिहासिक। उन्होंने कहा कि जंबूरी के शिविर में प्रतिभागी युवा-युवती कला, साहसिक गतिविधियां, लोककलाएं, नेतृत्व मंच और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से केवल कौशल ही नहीं अपितु सहानुभूति सहयोग और सम्मान भी सीखते हैं। वास्तव में जंबूरी भारत की शाश्वत अवधारणा वसुधैव कुटुम्बकम संपूर्ण विश्व एक परिवार का सजीव उदाहरण है।

यह भी पढ़ें :

गर्मी में धान की फसल, सिंचाई विभाग जलाशयों से नहीं छोड़ेगा पानी

नक्सलमुक्त होने वाला है छत्तीसगढ़

उन्होंने कहा कि देश में पहली बार हो रहे राष्ट्रय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। छत्तीसगढ़वासियों का सहज, सरल स्वभाव हम सभी के दिलों को छूता है। प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण प्रकृति के खूबसूरत वादियों के बीच स्थित हमारा छत्तीसगढ़ केंद्र एवं राज्य के अथक प्रयासों से नक्सल मुक्त होने वाला है।

एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संकल्प साकार हो रहा

अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट्स गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन ने कहा कि धान के कटोरा छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता विकसित करता है, जो जीवन भर उनकी पहचान बनती है।

ग्राम दुधली में प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की शुरुआत शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व मार्च पास्ट के साथ हुई। शुभारंभ राज्यपाल डॉ. रमेन डेका ने किया।

जंबूरी जमावड़ा नहीं बल्कि, प्रतिभा दिखाने बेहतर मंच

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि ग्राम दुधली में प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की मेजबानी करने का अवसर मिला, जो हमारे लिए गर्व की बात है। जंबूरी मात्र लोगों का जमावड़ा भर नहीं है। जंबूरी में युवा-युवती आपसी भाईचारा, अनुशासन, प्रेम सौहाद्र्र एवं सामाजिक सद्भावना के साथ प्रतिभा का प्रदर्शन के लिए भी बेहतरीन मंच प्रदान करता है। वहीं स्काउड गाइड के जिला आयुक्त राकेश यादव ने इस बेहतरीन आयोजन के लिए भारत स्काउट गाइड और बालोद जिला प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की।

यह भी पढ़ें :

जमही- चोरहापड़ाव बायपास के प्रस्ताव को मंत्रालय ने आपत्तियों के साथ पीडब्ल्यूडी को लौटाया

संस्कार और मेहनतकश लोगों की भूमि है छत्तीसगढ़

स्वागत उद्बोधन भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खंडेलवाल ने दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक संसाधनों एवं सौंदर्य से परिपूर्ण प्रदेश मात्र नहीं है। अपितु यह संस्कार एवं मेहनतकश लोगों की भी भूमि है। उन्होंने युवा-युवतियों को जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव का सामना करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर रहने की सीख भी दी। राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत खालसा ने आभार जताया। विभिन्न राज्यों के रोवर एवं रेंजरों ने आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल एवं अतिथियों को सलामी भी दी।

पत्रिका के पास जो तस्वीर है, उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे तेज धूप के बीच बच्चे सो गए। कुछ बच्चों को चक्कर भी आया तो तत्काल प्राथमिक उपचार किया गया।

बच्चों को देर से मिला भोजन

प्रथम नेशनल जंबूरी में अव्यवस्था देखी गई। यहां छत्तीसगढ़ के लगभग 2 हजार बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देनी थी। सुबह सभी बच्चों को नाश्ता देकर लगभग 10 बजे मुख्य मंच के सामने बुलाया गया। अतिथियों के आने तक एवं ओपनिंग सेरेमनी तक बच्चों को बैठाकर रखा गया। लगभग साढ़े पांच घंटे बाद ढाई बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बच्चों को समय पर भोजन भी उपलब्ध नहीं मिल पाया। लगभग दोपहर 3 बजे भोजन के लिए भेजा गया।

तेज धूप में कुछ बच्चों को आया चक्कर

पत्रिका के पास जो तस्वीर है, उसमें साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे तेज धूप के बीच बच्चे सो गए। कुछ बच्चों को चक्कर भी आया तो तत्काल प्राथमिक उपचार किया गया। कुछ बच्चों ने बताया कि वह जाना चाह रहे थे। भूख भी लग रही थी तो उनसे कहा गया था कि जबतक ओपनिंग सेरेमनी का समापन नहीं होगा, तब तक किसी को भी उठकर नहीं जाना है। प्रभारियों के इस मौखिक आदेश के बाद कई बच्चे तेज धूप में सो गए।

33 राज्यों से आए हैं रोवर रेंजर

इस पांच दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेलवे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, सचिव शिक्षा विभाग सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संभागायुक्त एसएन राठौर, आईजी राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *