बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक बेटी ने अपने ही मां के खिलाफ आवेदन दिया है। बेटी का कहना है कि उसकी मां उसके ससुराल में काफी हस्तक्षेप करती है, जिसके कारण उसकी शादी टूटने के कगार पर है। मां उसे यह सीख देती है की सास कभी भी मां नहीं बन सकती है। इसलिए वह बस उसकी ही बात सुने। यहां तक की पीड़िता की मां लड़की के ससुराल में जाकर झगड़ा भी करती है, जिसके कारण अपने ससुराल वालों से लड़की के रिश्ते खराब हो रहे हैं। यह मामला पटना के शेखपुरा का है। अपने पति को पैसे देने पर मां हो जाती है नाराज- पीड़िता पीड़िता ने कहा कि मेरी शादी दिसंबर 2023 को हुई थी। वह बिहारशरीफ में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड में कार्यरत है। वहीं, मेरा पति भारतीय रेलवे में धनबाद डिवीजन में काम करता है। मेरी मां के कारण मेरे शादीशुदा जीवन में असर पड़ रहा है। मैं अपनी सैलरी कहां-कहां खर्च करती हूं, इसका पूरा ब्योरा मेरी मां चाहती है। वह शादी के बाद भी मेरा बैंक पासबुक जबरदस्ती अपने पास रखी हुई है। अगर जरूरत पड़ने पर मैं अपने पति को कुछ पैसे दे देती हूं तो मेरी मां बुरा मान जाती है। मैंने अप्रैल 2025 में एक जमीन खरीदा था, उसका पेपर भी अपने पास रखी हुई है। मैं अपने पति और ससुराल को नहीं छोड़ सकती बेटी ने आगे बताया कि शादी के बाद मेरी मां ने मुझे अपने गहने रखने के लिए अलग से लाॅकर बनवाने को भी कहा था। उन्होंने यह भी बोला कि जब तक लाॅकर नहीं है, तब तक सारे गहने मैं उन्हीं के पास रखूं। मैं अपनी कमाई से 20 हजार रुपए अपने भाई को हर महीने भेजती थी, मगर जमीन खरीदने के बाद जब मेरा लोन कटने लगा तो मैं 10 हजार रुपए भेजने लगी, इस पर भी मेरी मां को आपत्ति थी। मुझे नहीं पता कि मेरी मां को क्या चाहिए, मगर वह मुझसे कहती है कि मैं सब कुछ छोड़कर उनके पास रहूं। मैं अपने पति और ससुराल को नहीं छोड़ सकती हूं। मुझे यहां कोई परेशानी नहीं है। सभी लोग यहां मुझे खुश रखते हैं। लेकिन मेरी मां यह समझने को तैयार नहीं है। – पीड़िता मेरे ससुराल जाकर मेरी मां करती है झगड़ा- पीड़ित महिला मेरी मां कई बार अनजान शख्स को मेरे ससुराल लेकर आती हैं और फिर झगड़ा करती हैं। इसमें मेरा भाई और मेरी मौसी भी उनके साथ देते हैं। मैं चाहती हूं कि मेरी मां को अगर मेरे ससुराल आना है तो हाल-चाल लेने अच्छे से आए या किसी काम से आए और अनजान लोगों के बिना आए। इस तरीके से न आए। मेरी मां के बार-बार आने से मैं परेशान हो चुकी हूं। मेरी 5 महीने की बेटी पर झगड़ा का बुरा प्रभाव पर रहा है। मैं चाहती हूं मेरे निजी जिंदगी में मेरी मां, भाई, मौसी का हस्तक्षेप न हो। मैं अपने ससुराल में बहुत खुश हूं। – पीड़िता मां का आरोप- लड़की के ससुरालवाले करते हैं गाली गलौज दूसरी ओर पीड़िता की मां जमुई में परिचायक के पद पर काम कर रही है। उसका कहना है कि वह बस अपनी इकलौती बेटी और नातिन से मिलने उसके ससुराल जाती है। जहां तक झगड़ा की बात है तो लड़की के ससुरालवाले उसके साथ गाली गलौज करते हैं, उसे दो नंबर की महिला कहते हैं। इसीलिए उसने झगड़ा किया। वह अपने बेटी और दामाद में कोई अलगाव नहीं चाहती है। वह बस चाहती है कि उसकी बेटी उसके आसपास रहे और वह जब चाहे उससे मिल ले। सुनवाई की अगली तारीख 8 जुलाई बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि, ‘मां के दखलंदाजी के कारण बेटी का घर टूट रहा है। पीड़िता की मां चाहती है कि बेटी अपनी कमाई का हिस्सा अपने मायके में दे। सुनवाई के बाद निर्देश दिया गया है कि मां अपनी बेटी के शादीशुदा जिंदगी में हस्तक्षेप ना करें। वह अपनी बेटी को जमीन का कागज वापस लौटा दे।’ प्रो. अप्सरा ने बताया कि, ‘अभी कुछ दिन मां को अपनी बेटी से मिलने के लिए मना किया गया है, ताकि पीड़िता और उसके पति को अपनी निजी जिंदगी में कुछ स्पेस मिल सके। सुनवाई की अगली तारीख 8 जुलाई दी गई है।’ बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक बेटी ने अपने ही मां के खिलाफ आवेदन दिया है। बेटी का कहना है कि उसकी मां उसके ससुराल में काफी हस्तक्षेप करती है, जिसके कारण उसकी शादी टूटने के कगार पर है। मां उसे यह सीख देती है की सास कभी भी मां नहीं बन सकती है। इसलिए वह बस उसकी ही बात सुने। यहां तक की पीड़िता की मां लड़की के ससुराल में जाकर झगड़ा भी करती है, जिसके कारण अपने ससुराल वालों से लड़की के रिश्ते खराब हो रहे हैं। यह मामला पटना के शेखपुरा का है। अपने पति को पैसे देने पर मां हो जाती है नाराज- पीड़िता पीड़िता ने कहा कि मेरी शादी दिसंबर 2023 को हुई थी। वह बिहारशरीफ में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड में कार्यरत है। वहीं, मेरा पति भारतीय रेलवे में धनबाद डिवीजन में काम करता है। मेरी मां के कारण मेरे शादीशुदा जीवन में असर पड़ रहा है। मैं अपनी सैलरी कहां-कहां खर्च करती हूं, इसका पूरा ब्योरा मेरी मां चाहती है। वह शादी के बाद भी मेरा बैंक पासबुक जबरदस्ती अपने पास रखी हुई है। अगर जरूरत पड़ने पर मैं अपने पति को कुछ पैसे दे देती हूं तो मेरी मां बुरा मान जाती है। मैंने अप्रैल 2025 में एक जमीन खरीदा था, उसका पेपर भी अपने पास रखी हुई है। मैं अपने पति और ससुराल को नहीं छोड़ सकती बेटी ने आगे बताया कि शादी के बाद मेरी मां ने मुझे अपने गहने रखने के लिए अलग से लाॅकर बनवाने को भी कहा था। उन्होंने यह भी बोला कि जब तक लाॅकर नहीं है, तब तक सारे गहने मैं उन्हीं के पास रखूं। मैं अपनी कमाई से 20 हजार रुपए अपने भाई को हर महीने भेजती थी, मगर जमीन खरीदने के बाद जब मेरा लोन कटने लगा तो मैं 10 हजार रुपए भेजने लगी, इस पर भी मेरी मां को आपत्ति थी। मुझे नहीं पता कि मेरी मां को क्या चाहिए, मगर वह मुझसे कहती है कि मैं सब कुछ छोड़कर उनके पास रहूं। मैं अपने पति और ससुराल को नहीं छोड़ सकती हूं। मुझे यहां कोई परेशानी नहीं है। सभी लोग यहां मुझे खुश रखते हैं। लेकिन मेरी मां यह समझने को तैयार नहीं है। – पीड़िता मेरे ससुराल जाकर मेरी मां करती है झगड़ा- पीड़ित महिला मेरी मां कई बार अनजान शख्स को मेरे ससुराल लेकर आती हैं और फिर झगड़ा करती हैं। इसमें मेरा भाई और मेरी मौसी भी उनके साथ देते हैं। मैं चाहती हूं कि मेरी मां को अगर मेरे ससुराल आना है तो हाल-चाल लेने अच्छे से आए या किसी काम से आए और अनजान लोगों के बिना आए। इस तरीके से न आए। मेरी मां के बार-बार आने से मैं परेशान हो चुकी हूं। मेरी 5 महीने की बेटी पर झगड़ा का बुरा प्रभाव पर रहा है। मैं चाहती हूं मेरे निजी जिंदगी में मेरी मां, भाई, मौसी का हस्तक्षेप न हो। मैं अपने ससुराल में बहुत खुश हूं। – पीड़िता मां का आरोप- लड़की के ससुरालवाले करते हैं गाली गलौज दूसरी ओर पीड़िता की मां जमुई में परिचायक के पद पर काम कर रही है। उसका कहना है कि वह बस अपनी इकलौती बेटी और नातिन से मिलने उसके ससुराल जाती है। जहां तक झगड़ा की बात है तो लड़की के ससुरालवाले उसके साथ गाली गलौज करते हैं, उसे दो नंबर की महिला कहते हैं। इसीलिए उसने झगड़ा किया। वह अपने बेटी और दामाद में कोई अलगाव नहीं चाहती है। वह बस चाहती है कि उसकी बेटी उसके आसपास रहे और वह जब चाहे उससे मिल ले। सुनवाई की अगली तारीख 8 जुलाई बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि, ‘मां के दखलंदाजी के कारण बेटी का घर टूट रहा है। पीड़िता की मां चाहती है कि बेटी अपनी कमाई का हिस्सा अपने मायके में दे। सुनवाई के बाद निर्देश दिया गया है कि मां अपनी बेटी के शादीशुदा जिंदगी में हस्तक्षेप ना करें। वह अपनी बेटी को जमीन का कागज वापस लौटा दे।’ प्रो. अप्सरा ने बताया कि, ‘अभी कुछ दिन मां को अपनी बेटी से मिलने के लिए मना किया गया है, ताकि पीड़िता और उसके पति को अपनी निजी जिंदगी में कुछ स्पेस मिल सके। सुनवाई की अगली तारीख 8 जुलाई दी गई है।’


