नवादा में मनरेगा बचाओ संग्राम, कांग्रेस का प्रदेशव्यापी विरोध:उपवास कर केंद्र पर साधा निशाना, योजना में बदलाव का आरोप

नवादा में मनरेगा बचाओ संग्राम, कांग्रेस का प्रदेशव्यापी विरोध:उपवास कर केंद्र पर साधा निशाना, योजना में बदलाव का आरोप

नवादा में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलने का आरोप लगाते हुए उपवास रखा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ‘मंटन’ ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के बहाने गरीब और मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना, गरीब-मजदूरों के अधिकारों पर हमले का आरोप यह विरोध प्रदर्शन रविवार को नवादा समाहरणालय के समीप आंबेडकर पुस्तकालय परिसर में आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ‘मंटन’ ने इस बदलाव को गरीब-मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। जिलाध्यक्ष ‘मंटन’ ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को सुनियोजित तरीके से कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल राष्ट्रपिता का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी और सम्मानजनक जीवन का आधार है। कांग्रेस का दावा, मनरेगा की मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास कांग्रेस का दावा है कि केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही तथाकथित ‘वीबीजी राम जी योजना’ मनरेगा की मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास है। यह नई योजना मनरेगा के संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर ठेकेदारी व्यवस्था और मनमानी को बढ़ावा देगी। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने योजना में किए गए सभी जनविरोधी बदलावों को रद्द करने और ग्रामीण मजदूरों के काम व मजदूरी की पूरी गारंटी सुनिश्चित करने की अपील की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामूहिक उपवास भी रखा। मौके पर कांग्रेस नेता कृष्ण कुमार प्रभाकर, एजाज अली मुन्ना, अंजनी कुमार, पप्पू वारिसलीगंज, प्रदेश पासवान, मुकेश राजवंशी, श्याम सुंदर कुशवाहा, उपेंद्र सिंह, राकेश पासवान और राम रतन गिरी सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। नवादा में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा का नाम और स्वरूप बदलने का आरोप लगाते हुए उपवास रखा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ‘मंटन’ ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के बहाने गरीब और मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है। केंद्र सरकार पर साधा निशाना, गरीब-मजदूरों के अधिकारों पर हमले का आरोप यह विरोध प्रदर्शन रविवार को नवादा समाहरणालय के समीप आंबेडकर पुस्तकालय परिसर में आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ‘मंटन’ ने इस बदलाव को गरीब-मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया। जिलाध्यक्ष ‘मंटन’ ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को सुनियोजित तरीके से कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल राष्ट्रपिता का अपमान है, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आगे कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी और सम्मानजनक जीवन का आधार है। कांग्रेस का दावा, मनरेगा की मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास कांग्रेस का दावा है कि केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही तथाकथित ‘वीबीजी राम जी योजना’ मनरेगा की मूल भावना को समाप्त करने का प्रयास है। यह नई योजना मनरेगा के संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर ठेकेदारी व्यवस्था और मनमानी को बढ़ावा देगी। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने योजना में किए गए सभी जनविरोधी बदलावों को रद्द करने और ग्रामीण मजदूरों के काम व मजदूरी की पूरी गारंटी सुनिश्चित करने की अपील की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामूहिक उपवास भी रखा। मौके पर कांग्रेस नेता कृष्ण कुमार प्रभाकर, एजाज अली मुन्ना, अंजनी कुमार, पप्पू वारिसलीगंज, प्रदेश पासवान, मुकेश राजवंशी, श्याम सुंदर कुशवाहा, उपेंद्र सिंह, राकेश पासवान और राम रतन गिरी सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।  

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