छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को भाजपा के यूनिटी मार्च में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के सामने बेलतरा विधायक और संगठन के प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय के बीच जमकर विवाद हो गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और समर्थक उन्हें शांत कराने की कोशिश करते रहे। लेकिन, दोनों के बीच बहस की जंग जारी रही। दरअसल, दोनों नेता यूनिटी मार्च में फर्स्ट लाइन पर चलने को लेकर विवाद कर रहे थे। भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग अब सियासी रंग लेने लगा है। दरअसल, मंगलवार को भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर बिलासपुर में “यूनिटी मार्च” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं और युवाओं के साथ ही भाजपा नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत तिफरा स्थित मां काली मंदिर परिसर से हुई, जहां केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, तथा विधायक अमर अग्रवाल ने माता काली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने हरी झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च का शुभारंभ किया। जिसके बाद सभी नेता यूनिटी मार्च में पैदल चलने लगे। यह पैदल मार्च नेहरू चौक पर समाप्त हुआ। फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर हुआ विवाद
इस आयोजन के दौरान बीजेपी नेताओं के बीच विवाद का नजारा देखने को मिला। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय के बीच जमकर विवाद हुआ। पैदल मार्च में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के साथ फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर दोनों नेता आपस में भिड़ गए। इस बीच दोनों के बीच जमकर नोंकझोंक होने लगी। एक-दूसरे को देख लेने की देते रहे धमकी
दरअसल, बीजेपी प्रदेश संगठन मंत्री हर्षिता पांडेय केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के बगल में खड़ी होकर चल रही थीं। वहीं, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला को जगह नहीं मिल पाई। वो तोखन साहू के पीछे सेकेंड लाइन में चलने लगे। कुछ दूर चलने के बाद जब सुशांत शुक्ला फर्स्ट लाइन में तोखन साहू के बगल में आने की कोशिश करने लगे, तब हर्षिता पांडेय भड़क गईं। देखते ही देखते दोनों के बीच सरेराह विवाद शुरू हो गया। इस दौरान दोनों के बीच जमकर नोंक झोंक हुई। दोनों नेता एक-दूसरे को देख लेने की बात कहते रहे। केंद्रीय मंत्री व विधायकों हस्तक्षेप कर कराया शांत
इस दौरान विवाद बढ़ते देख केंद्रीय मंत्री तोखन साहू उन्हें शांत कराने की कोशिश करते रहे। वहीं, समर्थक भी उन्हें रोकते रहे। लेकिन, दोनों के बीच बहस जारी रही। बाद में वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक को हस्तक्षेप करना पड़ा, उन्होंने बीच बचाव किया। जिसके बाद दोनों शांत हुए। यूनिटी मार्च में बीजेपी नेताओं के बीच सरेराह हुए इस विवाद ने बीजेपी में भी टकराव की स्थिति को सामने ला दिया है।


