औरंगाबाद में सड़क दुर्घटना को लेकर मीटिंग:10 महीने में सड़क हादसे में 303 लोगों की मौत, एक्सीडेंट रोकने के लिए डीएम ने दिए निर्देश

औरंगाबाद में सड़क दुर्घटना को लेकर मीटिंग:10 महीने में सड़क हादसे में 303 लोगों की मौत, एक्सीडेंट रोकने के लिए डीएम ने दिए निर्देश

औरंगाबाद समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में शुक्रवार को डीएम सह जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ते सड़क हादसों की गंभीरता, उनके कारणों और रोकथाम संबंधी उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान डीएम ने बताया कि इस साल अक्टूबर महीने तक सड़क दुर्घटनाओं में 303 लोगों की मौत और 162 लोग घायल हुए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जिला के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक संरचनात्मक सुधार,चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, साइनेंज और स्पीड ब्रेकर वगैरह शीघ्र लगाने का निर्देश दिया। 8.78 करोड़ रुपए की वसूली की गई जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य परिवहन विभाग के निर्देशानुसार जिले में लगातार हेलमेट और सीट बेल्ट जांच अभियान चलाया जा रहा है। मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक और सभी थानाध्यक्ष नियमित रूप से जांच कर रहे हैं और उल्लंघनकर्ताओं पर शमन कार्रवाई की जा रही है। साल 2025 में अप्रैल से अक्टूबर महीने तक विभाग की ओर से निर्धारित 8.38 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरुद्ध 8.78 करोड़ रुपए की वसूली की गई है, जो 104.86 प्रतिशत उपलब्धि है। परिवहन विभाग ने बताया कि जिले के सभी स्कूल वाहनों की जांच की जा रही है, जिसके तहत अब तक 63 डिफाल्टर वाहनों पर कार्रवाई की गई है। हिट एंड रन से जुड़े मामलों की समीक्षा में पाया गया कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक 405 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 398 को जिलाधिकारी की ओर से अनुमोदन कर बीमा कंपनी को भेजा गया है। इनमें से 305 लाभुकों को मुआवजा भुगतान भी हो चुका है। वहीं नन हिट एंड रन श्रेणी के 151 मामलों को ट्रिब्यूनल कोर्ट, मगध प्रमंडल गयाजी भेजा गया है। पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना से जुड़े सभी दस्तावेज प्राथमिकी की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बीमा कागजात आदि हर महीने अनिवार्य रूप से जिला परिवहन कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि मामलों के निराकरण में विलंब न हो। बैठक में सिविल सर्जन, एनएचएआई सासाराम के परियोजना निदेशक, एनएच-139 और 120 के प्रतिनिधि, यातायात प्रभारी, मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने सड़क सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने, विभागीय समन्वय मजबूत करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया। औरंगाबाद समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में शुक्रवार को डीएम सह जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ते सड़क हादसों की गंभीरता, उनके कारणों और रोकथाम संबंधी उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान डीएम ने बताया कि इस साल अक्टूबर महीने तक सड़क दुर्घटनाओं में 303 लोगों की मौत और 162 लोग घायल हुए हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जिला के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक संरचनात्मक सुधार,चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, साइनेंज और स्पीड ब्रेकर वगैरह शीघ्र लगाने का निर्देश दिया। 8.78 करोड़ रुपए की वसूली की गई जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य परिवहन विभाग के निर्देशानुसार जिले में लगातार हेलमेट और सीट बेल्ट जांच अभियान चलाया जा रहा है। मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक और सभी थानाध्यक्ष नियमित रूप से जांच कर रहे हैं और उल्लंघनकर्ताओं पर शमन कार्रवाई की जा रही है। साल 2025 में अप्रैल से अक्टूबर महीने तक विभाग की ओर से निर्धारित 8.38 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरुद्ध 8.78 करोड़ रुपए की वसूली की गई है, जो 104.86 प्रतिशत उपलब्धि है। परिवहन विभाग ने बताया कि जिले के सभी स्कूल वाहनों की जांच की जा रही है, जिसके तहत अब तक 63 डिफाल्टर वाहनों पर कार्रवाई की गई है। हिट एंड रन से जुड़े मामलों की समीक्षा में पाया गया कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक 405 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 398 को जिलाधिकारी की ओर से अनुमोदन कर बीमा कंपनी को भेजा गया है। इनमें से 305 लाभुकों को मुआवजा भुगतान भी हो चुका है। वहीं नन हिट एंड रन श्रेणी के 151 मामलों को ट्रिब्यूनल कोर्ट, मगध प्रमंडल गयाजी भेजा गया है। पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना से जुड़े सभी दस्तावेज प्राथमिकी की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बीमा कागजात आदि हर महीने अनिवार्य रूप से जिला परिवहन कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि मामलों के निराकरण में विलंब न हो। बैठक में सिविल सर्जन, एनएचएआई सासाराम के परियोजना निदेशक, एनएच-139 और 120 के प्रतिनिधि, यातायात प्रभारी, मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने सड़क सुरक्षा के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने, विभागीय समन्वय मजबूत करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया।  

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