Bael Fruit Benefits in Summer: जैसे ही सूरज सिर पर चढ़ने लगता है और पसीने से बुरा हाल होता है, बाजारों में पत्थर जैसा दिखने वाला बेल दिखने लगता है। ऊपर से यह जितना सख्त है, अंदर से उतना ही गुणी। पुराने जमाने में बड़े-बुजुर्ग कहते थे कि गर्मी में बेल खाओ, तो डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा। आजकल की रंग-बिरंगी बोतलों वाली कोल्ड ड्रिंक्स के आगे हमने इस देसी अमृत को भुला दिया है, लेकिन सच तो ये है कि सेहत के मामले में इसका कोई तोड़ नहीं है। आइए श्रुति गोयल (डाइटिशियन) से जानते हैं इसके वो 4 बड़े फायदे।
1. पेट की समस्या का इलाज
गर्मी में अक्सर हमारा पेट गड़बड़ हो जाता है, कभी कब्ज, तो कभी गैस। बेल को पेट का डॉक्टर समझ लीजिए। इसमें खूब सारा फाइबर होता है जो पेट की सफाई कर देता है और पुराने से पुराने कब्ज को जड़ से मिटा देता है। अगर किसी को दस्त लग गए हों, तो बेल का शरबत तुरंत राहत देता है। यह पेट की गर्मी को शांत करता है जिससे सीने में जलन और एसिडिटी की छुट्टी हो जाती है।
2. शरीर को ठंडक देता है
जब बाहर आग बरस रही हो, तो बेल का शरबत आपके शरीर के लिए देसी कूलर का काम करता है। इसकी तासीर बहुत ठंडी होती है। अगर आप तेज धूप में बाहर जा रहे हैं और एक गिलास बेल का शरबत पीकर निकलते हैं, तो आपको लू लगने का डर नहीं रहेगा। यह शरीर के पानी को सूखने नहीं देता और आपको अंदर से ठंडा-ठंडा अहसास कराता है।
3. खून को साफ करना
बहुत कम लोग जानते हैं कि बेल खून की सफाई के लिए भी बहुत बढ़िया है। यह शरीर की गंदगी को बाहर निकाल फेंकता है। जब आपका खून साफ होगा, तो उसका सीधा असर आपके चेहरे पर दिखेगा। गर्मी में होने वाले फोड़े-फुंसी और कील-मुंहासों से बचने के लिए बेल खाना किसी कीमती दवा से कम नहीं है।
4. सुस्ती को दूर करता है
गर्मी की वजह से अक्सर हमें थकान और कमजोरी महसूस होती है। बेल में ऐसे गुण होते हैं जो शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं। यह एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक है। बाजार का मिलावटी जूस पीने के बजाय, बेल का गूदा या शरबत लेने से आप दिनभर तरोताज़ा महसूस करेंगे और आपकी बीमारियों से लड़ने की ताकत भी बढ़ेगी।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


