अजमेर दरगाह में खादिम के लिए लाइसेंस जरूरी,विवाद बढ़ा:अंजुमन सचिव ने तुगलकी फरमान बताया; दरगाह नाजिम बोले- केंद्र सरकार और कोर्ट के आदेश पर प्रक्रिया शुरू

अजमेर दरगाह में खादिम के लिए लाइसेंस जरूरी,विवाद बढ़ा:अंजुमन सचिव ने तुगलकी फरमान बताया; दरगाह नाजिम बोले- केंद्र सरकार और कोर्ट के आदेश पर प्रक्रिया शुरू

अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में आगे आने वाले समय में लाइसेंसधारी खादिम ही जियारत करा सकेंगे। दरगाह कमेटी ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब इस पर विवाद शुरू हो गया है। अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने इसे एक तुगलकी फरमान बताया है। वहीं दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने कहा कि जो भी किया जा रहा है। वे केंद्र सरकार और कोर्ट के आदेश व नियमों के मुताबिक है। इससे किसी के हित प्रभावित नहीं हो रहे है। वहीं 16 दिसंबर से शुरू होने वाले उर्स की व्यवस्थाओं को देखने आज कलेक्टर लोक बंधु, एसपी वंदिता राणा व प्रशासन के अन्य अधिकारी दरगाह पहुंचे। इस दौरान भी चिश्ती ने दरगाह कमेटी के नाजिम बिलाल मोहम्मद पर आरोप लगाए। पहले पढ़िए, क्या है मामला खादिमों के लाइसेंस होना जरूरी अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह जियारत करवाने वाले खादिमों के लिए आने वाले समय में लाइसेंस होना जरूरी होगा। दरगाह में पहली बार यह नई प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसके लिए दरगाह कमेटी ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने 1 दिसंबर को विज्ञापन भी जारी कर दिया है। 5 जनवरी 2026 को आवेदन की आखिरी तारीख है। आदेश के बाद विवाद शुरू, तुगलकी फरमान बताया इस आदेश के बाद आज दरगाह में खादिमों की बैठक हुई। बैठक में अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने इसे एक तुगलकी फरमान बताया है। चिश्ती ने कहा- वे इसे नहीं मानेंगे। उन्होंने दरगाह नाजिम की नियुक्ति को ही अवैध बताया और कहा कि वे इसे हटाने के लिए मांग रखेंगे।
चिश्ती की 3 बड़ी बात 1. दरगाह नाजिम की दादागिरी नहीं चलेगी
दरगाह नाजिम को बैठकर बात करनी चाहिए थी। मुझे नोटिस दिया। ये तुगलकी फरमान नहीं चलेगा। एक्ट की बात करते है तो एक्ट में प्रावधान है कि गरीब खादिमों को उनकी व्यवस्था के लिए पैसे दिए जाएं। खादिमों के मेंटनेंस का रजिस्टर मेंटेन करें। चाबियों का रजिस्टर एक साल से गायब है। यहां आकर दादागिरी करेंगे तो चलेगी, नहीं। आज हमारे कुछ ही लोग आए। अगर हमने कॉल किया तो हमारे 10 हजार लोग दरगाह में भर देंगे। लाखों अनुयायी है हमारे। हल्के में न ले। 2.उर्स की व्यवस्थाओं में विघ्न डालना चाहते चिश्ती ने कहा- हमेशा उर्स के पहले ऐसी चीज करते हैं। ये उर्स की व्यवस्थाओं में विघ्न डालना चाहते है। खादिम कम्यूनिटी कोई कमजोर नहीं है। हम खादिमों के लाखों की संख्या में अनुयायी है। हमारी सहनशीलता को ये कमजोरी न समझे। 3. दरगाह कमेटी वजूद में नहीं चिश्ती ने कहा- अल्पसंख्यक मंत्रालय दरगाह में पैसा खर्च नहीं करती बल्कि दरगाह की ओर से उनके अमले को पैसा दिया जाता है। नाजिम की नियुक्ति ही गलत है। दरगाह कमेटी वजूद में नहीं है और बिना किसी नियम के तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं। हम इसको हटवाने की बात करेंगे। इसे मजाक नहीं लिया जाए। तुगलकी फरमान ज्यादा दिन नहीं चलेंगे। कलेक्टर-एसपी के सामने लगाए आरोप दरगाह के सालाना उर्स की व्यवस्थाओं का जायजा लेने और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कलेक्टर लोक बंधु, एसपी वंदिता राणा व पुलिस व प्रशासन के अन्य अधिकारी दरगाह पहुंचे। यहां दरगाह कमेटी के नाजिम, अंजुमन कमेटी व यादगार कमेटी , दरगाह कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर और एसपी के सामने अंजुमन सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने दरगाह कमेटी के नाजिम बिलाल मोहम्मद पर आरोप लगाए। इस दौरान चिश्ती पुलिस के साथ दरगाह के बाजार से निकले। इस बीच एक बारगी मामला बढ़ता दिखा लेकिन दरगाह सीओ ने बीच बचाव किया। ये खबर भी पढ़िए- अजमेर दरगाह में लाइसेंसधारी खादिम ही करा सकेंगे जियारत:कमेटी ने विज्ञापन जारी कर मांगे आवेदन, 5 जनवरी लास्ट डेट अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में निकट भविष्य में लाइसेंसधारी खादिम ही जियारत करा सकेंगे। पहली बार यह नई प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसके लिए दरगाह कमेटी ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने सोमवार को विज्ञापन जारी कर दिया। 5 जनवरी 2026 आवेदन की आखिरी तारीख है। (पूरी खबर पढें)

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