जिले में वक्फ संपत्तियों की जानकारी 5 दिसंबर 2025 तक ‘उम्मीद सेंट्रल पोर्टल’ पर दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नेहा झाझड़िया ने बताया कि वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया संचालित की जा रही है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नेहा झाझड़िया ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीकरण करा लें। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अल्पसंख्यक विभाग से संपर्क किया जा सकता है। अंतिम तिथि तक कराएं ऑनलाइन पंजीकरण वक्फ संपत्तियों का डेटा ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपलोड करने के लिए शहर के मलसीसर रोड स्थित मुस्लिम कम्युनिटी सेंटर में एक विशेष शिविर लगाया जा रहा है। कौन करा सकता है पंजीकरण: 1960 के गजट में शामिल सभी वक्फ संपत्तियों के सदस्य और प्रतिनिधि इस शिविर में आकर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। उद्देश्य: इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित और अद्यतन करना है ताकि उनमें पारदर्शिता और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। देशभर में अनिवार्य है ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण केंद्र सरकार द्वारा 6 जून 2025 को लॉन्च किए गए ‘उम्मीद’ (एकीकृत प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास) पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का ब्योरा दर्ज कराना देशभर में अनिवार्य है। यह पोर्टल वक्फ संपत्तियों की जानकारी अपलोड, सत्यापन और निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत मंच है। अनिवार्यता: वक्फ कानून के अनुसार, सभी वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य है।पंजीकरण न होने की स्थिति में, संपत्ति का वक्फ दर्जा समाप्त हो जाएगा। बाद में केवल वक्फ ट्रिब्यूनल के आदेश पर ही पुनः पंजीकरण संभव हो सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं दी राहत वक्फ संपत्तियों की जानकारी ‘उम्मीद’ पोर्टल पर अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने से हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकार कर दिया है।


