Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर इन दिनों बड़ी चर्चा चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि योजना से करीब 90 लाख महिलाओं को बाहर कर दिया गया है, जिसके बाद लाभार्थियों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि राज्य सरकार ने इन खबरों को गलत और भ्रामक बताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2024 में जब मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना शुरू हुई थी, तब लाभार्थियों की संख्या 2.52 करोड़ थी। लेकिन अब पात्र लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 1.53 करोड़ रह गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सरकार ने आय सीमा और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर लाखों महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि जिन महिलाओं की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें योजना के दायरे से बाहर किया गया है। ऐसा करने से सरकारी खजाने में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी।
हालांकि इस पूरे मामले पर राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। महाराष्ट्र सरकार में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे (Aditi Tatkare) ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि योजना के लाभार्थियों में कटौती की जो खबरें कुछ मीडिया संस्थानों में प्रसारित हो रही हैं, वे तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
उन्होंने बताया कि योजना से जुड़ी महिलाओं को 31 मार्च 2026 तक ई-केवाईसी (e-KYC) कराने का मौका दिया गया है और यह प्रक्रिया अभी जारी है। विभाग की ओर से अभी तक लाभार्थियों की संख्या को लेकर कोई अंतिम या आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
मंत्री ने मीडिया से अपील की कि इस विषय पर खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की सही जांच की जाए, ताकि योजना से जुड़ी महिलाओं में भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
दरअसल मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहारा देना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
फिलहाल ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि योजना के तहत वास्तविक लाभार्थियों की अंतिम संख्या कितनी होगी। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार ने मीडिया में चल रही संख्या संबंधी खबरों को गलत और निराधार बताया है, जिससे लाडली बहनों को बड़ी राहत मिली है।


