ला नीना इफेक्ट का हृदय रोगों पर पड़ेगा सीधा असर:​​​​​​​डॉक्टर बोले- छाती में भारीपन या दोनों हाथों में दर्द हो तो तुरंत लें डिस्प्रिन, सॉर्बिट्रेट से रहें दूर

ला नीना इफेक्ट का हृदय रोगों पर पड़ेगा सीधा असर:​​​​​​​डॉक्टर बोले- छाती में भारीपन या दोनों हाथों में दर्द हो तो तुरंत लें डिस्प्रिन, सॉर्बिट्रेट से रहें दूर

ला नीना प्रभाव के चलते इस साल प्रदेश में सामान्य से अधिक ठंड पड़ने की संभावना है, और इसका सीधा असर हृदय रोगियों पर पड़ेगा। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वप्निल गर्दे ने चेताया कि ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और हृदय पर भार बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को अचानक छाती में भारीपन, दोनों हाथों में दर्द या ऐसा लगे कि छाती पर कोई पत्थर रखा है, तो तुरंत डिस्प्रिन खाकर डॉक्टर से संपर्क करें। थोड़ी सी लापरवाही भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती है। ठंड में बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा
डॉ. गर्दे ने बताया कि ठंड का मौसम हृदय रोगियों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होता है। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ब्लड प्रेशर का बढ़ना अक्सर बिना लक्षण के होता है, लेकिन सिरदर्द, थकान, सांस फूलना या धड़कन तेज होना इसके संकेत हैं। ऐसे में नियमित बीपी जांच बेहद जरूरी है। बिना सलाह दवा लेने से बचें
डॉ. गर्दे ने सोशल मीडिया पर फैल रहे भ्रामक संदेशों से सावधान किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘सॉर्बिट्रेट’ जैसी दवाएं बिना चिकित्सकीय सलाह के ले रहे हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है। यह दवा अचानक ब्लड प्रेशर गिरा देती है, जिससे चक्कर, बेहोशी या दिल का दौरा पड़ सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आपातकालीन स्थिति में केवल डिस्प्रिन लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वृद्धजन रहें सतर्क
डॉ. गर्दे ने बताया कि सर्दियों में सुबह बहुत जल्दी व्यायाम करना या ठंडे पानी से नहाना हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि वृद्धजन घर के गर्म वातावरण में हल्का व्यायाम करें और ठंडी हवा में अचानक परिश्रम से बचें। साथ ही उन्होंने बताया कि जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक हो चुका है या जिनकी हृदय की पंपिंग क्षमता कम है, उन्हें इस मौसम में खांसी, सर्दी और निमोनिया से खास सावधानी रखनी चाहिए। थोड़ी-सी सतर्कता बचा सकती है जीवन
डॉ. गर्दे ने कहा कि ठंड को हल्के में न लें। थोड़ी-सी सतर्कता जीवन बचा सकती है। गर्म कपड़े पहनें, धूम्रपान से बचें, नियमित दवा और जांच जारी रखें। उन्होंने कहा कि ला नीना की ठंड के दौरान अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर की गई एक सावधानी हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचा सकती है।

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