Knee Injection: आपने कई लोगों को घुटनों के दर्द से परेशान देखा होगा। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे हमारे घुटने भी हमें जवाब दे देते हैं। घुटनों का दर्द इतना ज्यादा होता है कि ढंग से चलने भी नहीं देता है। उम्रदराज लोगों से आपने यह भी सुना होगा कि बुढ़ापे में हमारे घुटनों का तेल खत्म हो गया है। वास्तव में घुटनों के तेल से उनका मतलब कार्टिलेज से होता है। प्राकृतिक रूप से हमारे घुटनों में उपस्थित यह तत्व जब घुटनों में कम हो जाता है तो घुटनों की सर्जरी करवाकर इसको कृत्रिम रूप से डलवाया जाता है।
लेकिन हाल ही में हुए एक स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि अब इतनी महंगी और दर्दनाक सर्जरी की जरुरत ही नहीं होगी, बस एक इंजेक्शन से शरीर खुद कार्टिलेज बनाएगा। आइए जानते हैं कि क्या है यह नयी तकनीक? घुटनों में कार्टिलेज की कमी के लक्षण क्या होते हैं और इसके बचाव के उपाय क्या हैं?
क्या है यह नई तकनीक? (Medical Breakthrough)
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक खोजी है जिसमें शरीर खुद ही कार्टिलेज बनाएगा और दर्द से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही इतनी महंगी सर्जरी जो बहुत चुनिंदा अस्पतालों में ही हो पाती है उससे छुटकारा मिलेगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार कार्टिलेज एक रबड़ के जैसा ऊतक होता है और यह हमारे घुटनों में फ्लेक्सिबिलिटी का काम करता है। जब यह उम्र के साथ घिस जाता है तो हमारी हड्डियां आपस में टकराने लग जाती हैं और उनसे कट-कट की आवाज भी निकलने लगती है। इस इंजेक्शन से हमारी स्टेम सेल्स सक्रिय होंगी और नए कार्टिलेज का निर्माण खुद शरीर ही करेगा।
हमारे घुटनों में कार्टिलेज की कमी के मुख्य लक्षण(Cartilage Deficiency Symptoms)
- घुटने के जोड़ों में दर्द होना।
- घुटनों से कट-कट की आवाज आना।
- घुटनों पर सूजन और लालिमा आना।
- कुछ देर बैठकर उठने के बाद जकड़न महसूस होना।
- घुटनों के लचीलेपन में कमी आना।
कार्टिलेज की कमी से बचने के उपाय(Cartilage Deficiency Prevention)
- विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त पदार्थों का सेवन करें।
- हल्दी और अदरक का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें।
- अपना वजन नियंत्रित रखें।
- जोड़ों में चिकनाई (Lubrication) के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।
- नियमित रूप से व्यायाम करें।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


