किशनगंज। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त ने किशनगंज के जिलाधिकारी (डीएम) विशाल राज की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। यह पत्र ऐतिहासिक खगड़ा मेले की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद उसके लगातार संचालन के संबंध में है। आयुक्त ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग की है। कई दिन बाद भी मेला परिसर में दुकानें और अन्य गतिविधियां जारी इस वर्ष खगड़ा मेले की अनुमति 12 जनवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 तक के लिए निर्धारित थी। डीएम विशाल राज ने स्वयं 12 जनवरी को मेले का उद्घाटन किया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के कई दिन बाद भी मेला परिसर में दुकानें और अन्य गतिविधियां जारी हैं, जिससे सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रमंडलीय आयुक्त के पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अनुमति केवल निर्धारित तिथियों तक वैध थी। अवधि समाप्त होने के बाद मेले का संचालन नियम विरुद्ध है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने पर सुरक्षा व्यवस्था चरमरा सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। आयुक्त ने डीएम से स्थिति की स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है और अवैध संचालन रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। खगड़ा मेला ब्रिटिश काल से चला आ रहा है और कभी एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता था। वर्तमान में यह एक सांस्कृतिक-व्यापारिक मेले का रूप ले चुका है। हालांकि, बार-बार सामने आ रहे प्रशासनिक विवाद इसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर रहे हैं। इस मामले पर जिलाधिकारी कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस संबंध में स्पष्टीकरण भेजा जाएगा। किशनगंज। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त ने किशनगंज के जिलाधिकारी (डीएम) विशाल राज की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। यह पत्र ऐतिहासिक खगड़ा मेले की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद उसके लगातार संचालन के संबंध में है। आयुक्त ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग की है। कई दिन बाद भी मेला परिसर में दुकानें और अन्य गतिविधियां जारी इस वर्ष खगड़ा मेले की अनुमति 12 जनवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 तक के लिए निर्धारित थी। डीएम विशाल राज ने स्वयं 12 जनवरी को मेले का उद्घाटन किया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के कई दिन बाद भी मेला परिसर में दुकानें और अन्य गतिविधियां जारी हैं, जिससे सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रमंडलीय आयुक्त के पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अनुमति केवल निर्धारित तिथियों तक वैध थी। अवधि समाप्त होने के बाद मेले का संचालन नियम विरुद्ध है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने पर सुरक्षा व्यवस्था चरमरा सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। आयुक्त ने डीएम से स्थिति की स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है और अवैध संचालन रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। खगड़ा मेला ब्रिटिश काल से चला आ रहा है और कभी एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता था। वर्तमान में यह एक सांस्कृतिक-व्यापारिक मेले का रूप ले चुका है। हालांकि, बार-बार सामने आ रहे प्रशासनिक विवाद इसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर रहे हैं। इस मामले पर जिलाधिकारी कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस संबंध में स्पष्टीकरण भेजा जाएगा।


