भागलपुर के झंडापुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र सालों से जलमग्न है। इस स्थिति के कारण यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। उपकेंद्र का पूरा परिसर पानी से भरा हुआ है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। इस जलभराव के कारण उपकेंद्र का सामान्य कामकाज ठप पड़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह केवल प्राकृतिक जलभराव का मामला नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और स्वास्थ्य योजना के तहत स्थल चयन प्रक्रिया में खामियों का भी परिणाम है। ग्रामीण त्रिपुरारी चौधरी, नमन चौधरी, रविन्द्र कुमार, बिपिन मंडल और रवि कुमार ने बताया कि वर्षों से इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बुनियादी संरचना की दोषपूर्ण योजना के कारण सेवा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। झंडापुर का यह स्वास्थ्य उपकेंद्र वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन गया है। यह घटना बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। भागलपुर के झंडापुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र सालों से जलमग्न है। इस स्थिति के कारण यहां की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। उपकेंद्र का पूरा परिसर पानी से भरा हुआ है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। इस जलभराव के कारण उपकेंद्र का सामान्य कामकाज ठप पड़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह केवल प्राकृतिक जलभराव का मामला नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और स्वास्थ्य योजना के तहत स्थल चयन प्रक्रिया में खामियों का भी परिणाम है। ग्रामीण त्रिपुरारी चौधरी, नमन चौधरी, रविन्द्र कुमार, बिपिन मंडल और रवि कुमार ने बताया कि वर्षों से इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बुनियादी संरचना की दोषपूर्ण योजना के कारण सेवा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। झंडापुर का यह स्वास्थ्य उपकेंद्र वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन गया है। यह घटना बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।


