कानपुर के जाजमऊ के आदर्श नगर निवासी रिटायर्ड जेई विजय कुमार घोष की मौत के बाद भी उनकी पत्नी और बेटियां कानपुर नहीं आई। मृतक की बहन और भाभी ने 20 से अधिक बार उन्हें कॉल की, लेकिन पति की मौत की खबर सुनने के बाद उन्होंने दोबारा फोन नहीं उठाया। शुक्रवार को रिटायर्ड जेई के भाई, भतीजा व साला पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। भाई अमरकांत घोष ने बताया कि दोनों के बीच चार साल पहले पैसों को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह बेटियों को लेकर वाराणसी चली गई थी। यह था पूरा मामला…. विजय कुमार घोष (62) सिचांई विभाग में जेई (अवर अभियंता) थे, वह 2022 में रिटायर हुए थे। इसके बाद वह जाजमऊ के आदर्श नगर में रहने लगे थे। परिवार में पत्नी पूर्णिमा अधिकारी व दो बेटियां इंद्राणी (24) व ब्रह्माणी (19) है। DRDO से रिटायर भाई अजयकांत घोष ने बताया कि पूर्णिमा इनकम टैक्स में कार्यरत थी, 2023 में वह रिटायर हो गई थीं। बताया कि पूर्णिमा खर्चीले स्वभाव की हैं, जबकि विजय पैसों की बचत करते थे। पैसों को लेकर करीब 4 साल पहले दोनों का झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह बेटियों को लेकर वाराणसी के लहरतारा स्थित मायके में रह रही थीं। अजय ने बताया कि बड़ी बेटी इंद्राणी राजस्थान से एमबीए कर रही है, जबकि छोटी बेटी ब्रह्माणी नोएडा से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही है। नवंबर में वह विजय से मिलने गए थे, जिसपर उन्होंने खुद को पूरी तरह से स्वस्थ्य बताया था। कहा कि विजय के घर से करीब 1 किलोमीटर दूर उनकी बहन कल्पना रहती थी, जो अक्सर फोन कर उनसे हालचाल लेती रहती थी। 1 जनवरी को बहन ने न्यू ईयर विश करने के लिए विजय को फोन मिलाया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद विजय का फोन स्विच ऑफ बताने लगा। जिस पर कल्पना 3 जनवरी को उनके घर पहुंची तो ताला लटका हुआ था। इसके बाद 5 जनवरी को वह दोबारा घर पहुंची तो मेनगेट पर ताला लटका मिला। जिस पर उन्हें शक हुआ और उन्होंने जानकारी अजयकांत को दी। कमरे में मिली थी शराब की बोतल गुरुवार को अजय और कल्पना घर पहुंचे और ताला लटका देख डॉयल 112 को जानकारी दी। पुलिस दरवाजा तोड़ कर अंदर पहुंची तो विजय का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कमरे में शराब की बोतल और गिलास मिले थे, शव कई दिन पुराना होने के कारण सड़ चुका था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने भैरवघाट में विजय का अंतिम संस्कार किया। अजय कांत ने बताया उनकी पत्नी बर्नाली घोष और बहन कल्पना ने करीब 20 बार कॉल की, लेकिन विजय की पत्नी ने फोन नहीं उठाया।


