औरंगाबाद में जनता दरबार लगा, एसपी ने सुनी परेशानी:शिकायत मिलने पर खुद जांच करने पहुंचे; पीड़ित बोला- जमीन पर जबरन कब्जा हुआ

औरंगाबाद में जनता दरबार लगा, एसपी ने सुनी परेशानी:शिकायत मिलने पर खुद जांच करने पहुंचे; पीड़ित बोला- जमीन पर जबरन कब्जा हुआ

औरंगाबाद के कुटुंबा थाना परिसर में आज जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में औरंगाबाद के पुलिस एसपी अंबरीश राहुल ने स्वयं उपस्थित रहकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने बारी-बारी से अपनी फरियाद एसपी के सामने रखी। अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े हुए थे, वहीं कुछ मामलों में गलत तरीके से केस में फंसाने और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग भी सामने आई। एसपी ने कहा कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को अपनी बात सीधे पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला, जिससे क्षेत्र में न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद और मजबूत हुई है। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना और न्याय दिलाना है। जनता दरबार के आयोजन से लोगों में पुलिस की प्रति विश्वास बढ़ा है। मामलों के निष्पादन में भी तेजी आई है। निजी जमीन पर जबरन सामुदायिक भवन बनाने का आरोप कुटुंबा गांव निवासी शिव साव ने आरोप लगाया कि उनके निजी जमीन पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि की ओर से जबरन सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। राजपुर गांव निवासी कामेश्वर पासवान की पत्नी धनवंती देवी ने भी भूमि विवाद को लेकर अपनी समस्या एसपी के सामने रखी। वर्मा गांव निवासी सुदामा राम ने जनता दरबार में आवेदन देकर बताया कि उन्हें गलत तरीके से एक मामले में फंसाकर लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। इसी तरह कुटुंबा गांव के ही जितेंद्र सिंह ने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि गांव के शंभू प्रसाद द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। जमीन पर दबंगों के अवैध कब्जा करने का आरोप ढिबरा थाना क्षेत्र के निमीडीह गांव निवासी बबन भूईयां ने भी अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए एसपी से हस्तक्षेप की मांग की। जनता दरबार में कुल 19 लोगों ने आवेदन देकर अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश भूमि विवाद से संबंधित थे। इसके अलावा जनता दरबार में फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर भी कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। एसपी अंबरीश राहुल ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित थाना और अंचल स्तर के पदाधिकारियों को जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच करने पहुंचे एसपी जनता दरबार के बाद एसपी अंबरीश राहुल कुटुंबा थाना क्षेत्र के संडा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पुराने कांड संख्या 80/25 का स्थल निरीक्षण और जांच किया। इस मामले में केस के वादी अरविंद कुमार मेहता ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई थी। औरंगाबाद के कुटुंबा थाना परिसर में आज जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में औरंगाबाद के पुलिस एसपी अंबरीश राहुल ने स्वयं उपस्थित रहकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने बारी-बारी से अपनी फरियाद एसपी के सामने रखी। अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े हुए थे, वहीं कुछ मामलों में गलत तरीके से केस में फंसाने और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग भी सामने आई। एसपी ने कहा कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को अपनी बात सीधे पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला, जिससे क्षेत्र में न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद और मजबूत हुई है। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना और न्याय दिलाना है। जनता दरबार के आयोजन से लोगों में पुलिस की प्रति विश्वास बढ़ा है। मामलों के निष्पादन में भी तेजी आई है। निजी जमीन पर जबरन सामुदायिक भवन बनाने का आरोप कुटुंबा गांव निवासी शिव साव ने आरोप लगाया कि उनके निजी जमीन पर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि की ओर से जबरन सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। राजपुर गांव निवासी कामेश्वर पासवान की पत्नी धनवंती देवी ने भी भूमि विवाद को लेकर अपनी समस्या एसपी के सामने रखी। वर्मा गांव निवासी सुदामा राम ने जनता दरबार में आवेदन देकर बताया कि उन्हें गलत तरीके से एक मामले में फंसाकर लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई। इसी तरह कुटुंबा गांव के ही जितेंद्र सिंह ने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि गांव के शंभू प्रसाद द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। जमीन पर दबंगों के अवैध कब्जा करने का आरोप ढिबरा थाना क्षेत्र के निमीडीह गांव निवासी बबन भूईयां ने भी अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए एसपी से हस्तक्षेप की मांग की। जनता दरबार में कुल 19 लोगों ने आवेदन देकर अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश भूमि विवाद से संबंधित थे। इसके अलावा जनता दरबार में फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर भी कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। एसपी अंबरीश राहुल ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित थाना और अंचल स्तर के पदाधिकारियों को जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच करने पहुंचे एसपी जनता दरबार के बाद एसपी अंबरीश राहुल कुटुंबा थाना क्षेत्र के संडा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पुराने कांड संख्या 80/25 का स्थल निरीक्षण और जांच किया। इस मामले में केस के वादी अरविंद कुमार मेहता ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई थी।  

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