रोहतक में पहुंचे इनेलो की छात्र विंग इंडियन स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन के प्रदेशाध्यक्ष साहिल दीप ने छात्र नेता प्रदीप मोटा का नाम एमडीयू से काटने पर 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि अगर एमडीयू प्रशासन ले अपना फरमान वापस नहीं लिया तो पूरे प्रदेश की सभी 22 यूनिवर्सिटी में आंदोलन किया जाएगा। साहिल दीप ने कहा कि एमडीयू के अंदर छात्र नेता प्रदीप मोटा ने छात्रों के न्याय की आवाज उठाई थी, जिसके कारण उसे 19 नवंबर को नोटिस जारी करके कैंपस में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। एमडीयू प्रशासन छात्र संगठनों की आवाज को दबाना चाहता है जिसके चलते तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटियों में आरएसएस ने लगा रखे वीसी
साहिल दीप ने कहा कि प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटियों में सरकार ने आरएसएस की विचारधारा वाले लोगों को वीसी लगा रखा है। यह लोग अनपढ़ है, जो प्रदीप मोटा जैसे छात्र नेताओं के नाम काटने के तुगलकी फरमान जारी कर देते है। उन्हें कोर्ट में घसीटा जाता है। लेकिन जब तक हम जिंदा है, तब तक छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे। छात्र संघ चुनाव को लेकर आईएसओ कर रही आंदोलन
साहिल दीप ने कहा कि छात्र संघ चुनाव को लेकर आईएसओ पिछले 3 साल से आंदोलन कर सड़कों पर उतरी हुई है। अगर राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा तो आम आदमी को मौका मिलेगा। लेकिन सरकार किसी को आगे आने नहीं देना चाहती, जिसके कारण छात्र संघ चुनाव बहाल नहीं कर रहे। जल्द पूरे प्रदेश में होगा बड़ा आंदोलन
साहिल दीप ने कहा कि पूरे प्रदेश में जल्द बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जो डबवाली से शुरू होगा और पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करते हुए चंडीगढ़ में संपन्न होगा। आईएसओ ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है और जल्द ही आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। यूनिवर्सिटियों में चरम पर गुंडागर्दी
साहिल दीप ने कहा कि प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटियों में गुंडागर्दी चरम पर है। जो भी छात्र नेता आवाज उठाता है, उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है। वीसी ने गुंडों को शरण दे रखी है। आईएसओ 10 दिन का समय दे रही है। अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने तुगलकी फरमान को वापस नहीं लेगी तो आंदोलन बड़े स्तर पर किया जाएगा।


