पातेपुर के मंडई डीह पंचायत में कृषि विभाग के निर्देश पर वासंतिक रबी महा अभियान के तहत कृषि जनकल्याण चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में किसानों को नई तकनीक से खेती कर बेहतर उत्पादन के तरीके बताए गए। इस दौरान किसानों को जैविक खाद से होने वाले लाभ बताए गए तथा रासायनिक खाद के कम उपयोग पर जोर दिया गया। कृषि चौपाल का उद्देश्य किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन के लिए खेती के नए-नए तरीके बताए गए। वही बीज उपचारित करने तथा इससे होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के मंडई डीह पंचायत स्थित मंगलवाचनालय भवन परिसर में आयोजित कृषि जनकल्याण चौपाल में किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि चौपाल में मौजूद प्रखंड सहायक तकनीकी प्रबंधक छवि छाया, किसान सलाहकार रमेश कुमार चौधरी, कृषि समन्वयक अखिलेश कुमार, दिनेश कुमार आदि ने किसानों को बताया कि रबी सीजन में फसल लगाने के लिए सरकार अनुदानित दर पर दलहन, तेलहन तथा गेहूं का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। जो किसान पहले ऑनलाइन आवेदन नहीं करेंगे उन्हें बीज नहीं मिल सकेगा।कृषि चौपाल में पदाधिकारियों ने किसानों को बताया कि सामान्य तौर पर रबी एवं खरीफ मौसम में लगाई जाने वाली मोटा अनाज, बाजरा, सामा, कौनी मरुआ जैसे अनाज की खेती से किसानों को अधिक लाभ होता है। पातेपुर के मंडई डीह पंचायत में कृषि विभाग के निर्देश पर वासंतिक रबी महा अभियान के तहत कृषि जनकल्याण चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में किसानों को नई तकनीक से खेती कर बेहतर उत्पादन के तरीके बताए गए। इस दौरान किसानों को जैविक खाद से होने वाले लाभ बताए गए तथा रासायनिक खाद के कम उपयोग पर जोर दिया गया। कृषि चौपाल का उद्देश्य किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन के लिए खेती के नए-नए तरीके बताए गए। वही बीज उपचारित करने तथा इससे होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के मंडई डीह पंचायत स्थित मंगलवाचनालय भवन परिसर में आयोजित कृषि जनकल्याण चौपाल में किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि चौपाल में मौजूद प्रखंड सहायक तकनीकी प्रबंधक छवि छाया, किसान सलाहकार रमेश कुमार चौधरी, कृषि समन्वयक अखिलेश कुमार, दिनेश कुमार आदि ने किसानों को बताया कि रबी सीजन में फसल लगाने के लिए सरकार अनुदानित दर पर दलहन, तेलहन तथा गेहूं का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए किसानों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। जो किसान पहले ऑनलाइन आवेदन नहीं करेंगे उन्हें बीज नहीं मिल सकेगा।कृषि चौपाल में पदाधिकारियों ने किसानों को बताया कि सामान्य तौर पर रबी एवं खरीफ मौसम में लगाई जाने वाली मोटा अनाज, बाजरा, सामा, कौनी मरुआ जैसे अनाज की खेती से किसानों को अधिक लाभ होता है।


