कटिहार के मनसाही थाना क्षेत्र के इमली टोला गांव में एक युवती की जान जहरीले सांप के डसने के बाद बच गई। परिजनों की सूझबूझ और चिकित्सकों की तत्परता से युवती को समय पर उपचार मिला। परिजन मृत सांप को भी अपने साथ अस्पताल ले गए थे, जिससे इलाज में आसानी हुई। युवती की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इमली टोला निवासी 19 वर्षीय जीना खातून अपने घर में मकई की सफाई और थ्रेसिंग का काम कर रही थी। इसी दौरान मकई के ढेर में छिपे एक जहरीले सांप ने अचानक बाहर निकलकर उसके हाथ में डस लिया। सांप को खोजकर मार डाला घटना के बाद परिजनों ने घबराने के बजाय तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने पहले सांप को खोजकर मार डाला और फिर घायल युवती को लेकर कटिहार सदर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों को सांप की पहचान करने और सही इलाज तुरंत शुरू करने में मदद के लिए वे मृत सांप को भी अपने साथ अस्पताल ले गए थे। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. एके देव ने युवती की जांच कर तत्काल उपचार शुरू किया। समय रहते एंटी स्नेक वेनम दिए जाने से युवती की हालत में तेजी से सुधार हुआ। डॉ. देव ने बताया कि सांप काटने की स्थिति में शुरुआती एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने लोगों से झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करके मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील की। इलाज में सहूलियत को मरा सांप ले गए घायल युवती के चाचा मो. मकसूद आलम ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने बिना देर किए युवती को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने पुष्टि की कि डॉक्टर को सही जानकारी देने और इलाज में सहूलियत के लिए मृत सांप को भी साथ लाया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई थी। मृत सांप को देखने के लिए मरीजों और उनके परिजनों में उत्सुकता देखी गई। चिकित्सकों ने लोगों से गर्मी और बरसात के मौसम में खेत, गोदाम, भूसे और अनाज के ढेर के आसपास काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कटिहार के मनसाही थाना क्षेत्र के इमली टोला गांव में एक युवती की जान जहरीले सांप के डसने के बाद बच गई। परिजनों की सूझबूझ और चिकित्सकों की तत्परता से युवती को समय पर उपचार मिला। परिजन मृत सांप को भी अपने साथ अस्पताल ले गए थे, जिससे इलाज में आसानी हुई। युवती की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, इमली टोला निवासी 19 वर्षीय जीना खातून अपने घर में मकई की सफाई और थ्रेसिंग का काम कर रही थी। इसी दौरान मकई के ढेर में छिपे एक जहरीले सांप ने अचानक बाहर निकलकर उसके हाथ में डस लिया। सांप को खोजकर मार डाला घटना के बाद परिजनों ने घबराने के बजाय तुरंत सूझबूझ दिखाई। उन्होंने पहले सांप को खोजकर मार डाला और फिर घायल युवती को लेकर कटिहार सदर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों को सांप की पहचान करने और सही इलाज तुरंत शुरू करने में मदद के लिए वे मृत सांप को भी अपने साथ अस्पताल ले गए थे। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. एके देव ने युवती की जांच कर तत्काल उपचार शुरू किया। समय रहते एंटी स्नेक वेनम दिए जाने से युवती की हालत में तेजी से सुधार हुआ। डॉ. देव ने बताया कि सांप काटने की स्थिति में शुरुआती एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने लोगों से झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करके मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील की। इलाज में सहूलियत को मरा सांप ले गए घायल युवती के चाचा मो. मकसूद आलम ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों ने बिना देर किए युवती को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने पुष्टि की कि डॉक्टर को सही जानकारी देने और इलाज में सहूलियत के लिए मृत सांप को भी साथ लाया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई थी। मृत सांप को देखने के लिए मरीजों और उनके परिजनों में उत्सुकता देखी गई। चिकित्सकों ने लोगों से गर्मी और बरसात के मौसम में खेत, गोदाम, भूसे और अनाज के ढेर के आसपास काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।


