दतिया में अखंड भारत पदयात्रा से लौटे युवा नेता संघर्ष यादव और प्रदीप गुर्जर का मंगलवार को समाजसेवियों ने सम्मान किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। अखंड भारत पदयात्रा में देश के विभिन्न राज्यों से युवा शामिल हुए थे, जिनमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों के प्रतिभागी भी सम्मिलित थे। यात्रा का समापन सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के पास किया गया, जहां राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया गया। यात्रा से लौटने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में युवाओं ने दतिया के किला चौक का नाम बदलकर तिरंगा चौक रखने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि देश के अनेक शहरों और जिलों में राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने के लिए विशाल तिरंगे स्थापित किए गए हैं, जो लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत करते हैं। इसी क्रम में दतिया में भी किला चौक के नीचे एक बड़े तिरंगे को फहराने का संकल्प लिया गया है। युवाओं का मानना है कि तिरंगा सभी वर्गों और समुदायों को जोड़ने का प्रतीक है और इसके नीचे खड़े होकर हर नागरिक में राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः उत्पन्न होती है। प्रेस वार्ता के दौरान संघर्ष यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज को तोड़ने का कार्य कर रहे हैं, जबकि वे सभी स्वयंसेवक समाज को जोड़ने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किला चौक पर तिरंगा स्थापित करने और उसका नाम तिरंगा चौक रखने के लिए आमजन का समर्थन जुटाया जाएगा। इसके लिए बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि यह संकल्प जन-जन तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश में दो प्रकार की विचारधाराएं हैं, एक जो विभाजन को बढ़ावा देती है और दूसरी जो एकता और सद्भाव की बात करती है। वे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने वाली विचारधारा को श्रेष्ठ मानते हैं, जो पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक है। युवाओं ने यह भी कहा कि आज समाज में जातियों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उनका उद्देश्य जातियों और वर्गों को जोड़कर राष्ट्र को मजबूत बनाना है।


