जेल सुधार पर हाईकोर्ट सख्त, बेमेतरा में 200 कैदियों की ओपन जेल तैयार, बैमा नगोई में मॉडल जेल निर्माणाधीन

जेल सुधार पर हाईकोर्ट सख्त, बेमेतरा में 200 कैदियों की ओपन जेल तैयार, बैमा नगोई में मॉडल जेल निर्माणाधीन

Bilaspur High Court: जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी और अव्यवस्था के मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी में मंगलवार को सुनवाई हुई। इसमें बताया गया कि, बिलासपुर के बैमा नगोई में एक नई जेल बन रही है और इसे मॉडल प्रिजऩ मैनुअल, 2016 के क्लॉज़ में बताए गए दिशा निर्देशों से भी ज्यादा बेहतर बनाया जा रहा है।

इसके अलावा, बेमेतरा में 200 कैदियों की कैपेसिटी वाली एक ओपन जेल भी इसके ही अनुसार बनाई गई है। डायरेक्टर जनरल, जेल और करेक्शनल सर्विसेज़, जेल हेड क्वार्टर, नवा रायपुर ने आज निजी शपथपत्र प्रस्तुत किया। इसके अनुसार पहले के एफिडेविट में रिकॉर्ड पर रखे गए निर्देशों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के इंजीनियर-इन-चीफ, छत्तीसगढ़ के जेल और करेक्शनल सर्विसेज के हेडक्वार्टर के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल और राज्य भर की सेंट्रल जेलों के सभी जेल सुपरिटेंडेंट को मॉडल प्रिजऩ मैनुअल, 2016 का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्य प्रगति बताने के निर्देश

चीफ जस्टिस की डीबी ने इस मामले को दूसरे जुड़े हुए मामलों के साथ लिस्ट करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि,संबंधित अथॉरिटी का नया एफिडेविट लेकर कोर्ट को मामले में आगे की प्रोग्रेस के बारे में अगली सुनवाई की तारीख या उससे पहले बताएं। इन मामलों को आगे की मॉनिटरिंग के लिए 13 जून, 2026 को निर्धारित किया गया है।

रायपुर-बेमेतरा में नई जेल बनाने का प्रस्ताव

संबंधित मामलों में मॉडल प्रिजऩ मैनुअल, 2016 के अनुसार नई जेलों के निर्माण के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में, बताया कि रायपुर जिले के गोढ़ी गांव में एक नई जेल बनाने का प्रस्ताव है, जिसकी क्षमता 1000 लोगों की होगी। मॉडल प्रिजऩ मैनुअल, 2016 में दिए गए स्पेसिफिकेशन्स के हिसाब से 4000 कैदियों को रिहा किया गया है और इस बारे में ज़रूरी कदम और ज़रूरी बातचीत राज्य सरकार से की गई है।

मैनुअल, 2016 के स्पेसिफिकेशन्स के हिसाब से बेमेतरा में 200 कैदियों की कैपेसिटी वाली और रायपुर जिले के गोढ़ी गांव में 4,000 कैदियों की कैपेसिटी वाली नई जेल बनाने का प्रस्ताव है।

इससे संबंधित खबरें पढ़े

पिकअप से पिता को कुचलने वाले बेटे को राहत, हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा घटाई, जानें पूरा मामला- बिलासपुर हाईकोर्ट ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हुए एक चर्चित हत्या मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी बेटे महात्मा यादव को दी गई उम्रकैद की सजा को बदलते हुए धारा 302 के बजाय धारा 304 भाग-1 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास में परिवर्तित कर दिया है… पूरी खबर पढ़े

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *