पानीपत की अदालत ने चेक बाउंस और अन्य वित्तीय मामलों में बार-बार बुलाने के बावजूद पेश न होने वाले चार आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इन चारों को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया है। साथ ही, संबंधित थाना प्रभारियों को उनके खिलाफ नई FIR दर्ज करने और उनकी संपत्तियों की सूची पेश करने के निर्देश दिए हैं। केस 1: बंसी कॉलोनी निवासी सोनू भगोड़ा घोषित श्रीराम सिटी बनाम सोनू के मामले में अदालत ने आरोपी सोनू निवासी गली नंबर 3, बंसी कॉलोनी, पानीपत को भगोड़ा घोषित किया है। आरोपी के खिलाफ 30 जनवरी 2026 को उद्घोषणा की प्रक्रिया शुरू की गई थी। निर्धारित 30 दिनों की अवधि बीत जाने और बार-बार बुलाने के बावजूद सोनू कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। अदालत ने संतुष्ट होकर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया और धारा 209 (BNS) के तहत नई FIR दर्ज करने के आदेश दिए। अब 29 मई को उसकी संपत्तियों की सूची पेश की जाएगी। केस 2: डिडवाड़ी निवासी प्रवीण पर गिरी गाज श्रीराम सिटी बनाम प्रवीण मामले में अदालत ने आरोपी प्रवीण निवासी वीपीओ डिडवाड़ी, पानीपत को पेश न होने पर उद्घोषित अपराधी करार दिया है। प्रवीण के खिलाफ भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मुनादी कराई गई थी, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने संबंधित एसएचओ (SHO) को इस संबंध में सूचना भेजने और कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। केस 3: अर्जुन नगर के रविंद्र के खिलाफ सख्त आदेश एक अन्य मामले श्रीराम सिटी बनाम रविंद्र में आरोपी रविंद्र निवासी मकान नंबर 818, अर्जुन नगर, काबड़ी रोड, पानीपत को भगोड़ा घोषित किया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से बच रहा है और छिप रहा है। अदालत ने अब उसकी संपत्ति की जानकारी मांगी है और मामले की अगली सुनवाई 29 मई के लिए मुकर्रर की है। केस 4: करनाल के प्रत्यूष त्यागी पर भी एक्शन HDFC बैंक बनाम प्रत्यूष त्यागी मामले में करनाल के सेक्टर-6 निवासी प्रत्यूष त्यागी को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है। उसके खिलाफ 19 जनवरी को प्रक्रिया शुरू हुई थी। 23 अप्रैल को दिए आदेश में कोर्ट ने कहा कि आरोपी फरार हो चुका है। पुलिस को उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी, जिसमें उसकी संपत्तियों का ब्यौरा पेश करना होगा। ये होती है धारा 209 और इसके परिणाम अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद अब इन चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है। जो अदालती आदेशों की अवहेलना से संबंधित है। इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 व 85 (पूर्व में CrPC 82/83) के तहत पुलिस अब इनकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।


