गुरुग्राम जिले में पुलिस ने वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 37 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई एक पीड़ित व्यक्ति की शिकायत के बाद की गई, जिसने साइबर क्राइम थाने में लिखित शिकायत दी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसे वॉट्सऐप ग्रुप से जोड़कर फर्जी निवेश स्कीम के जरिए धोखाधड़ी कर रुपए ऐंठे गए। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त साइबर प्रियान्शु दिवान के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इस ठगी की वारदात को अंजाम देने में शामिल कुल 9 आरोपियों को 14 जनवरी को कोटा, राजस्थान से गिरफ्तार किया। राजस्थान से गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लेखराज (25), मनीष (21), अनिल बैरागी (24), सोनू (26), दीपक (25), हिमांशु (सभी रेती मंडी चौराहा कोटा के रहने वाले हैं), संस्कार उर्फ प्रांशु (24) ओल्ड बस स्टैंड रीवा (मध्य प्रदेश का रहने वाला), गगन पटेल (19) निवासी विजय नगर इंदौर (मध्य प्रदेश) और मनीष मीणा (24) निवासी गांव बोरदा जिला बारा (राजस्थान) के रूप में हुई है। माधव एसोसिएटेड कंपनी के खाते में ट्रांसफर पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की गई रकम में से 2 लाख 4 हजार रुपए “माधव एसोसिएटेड” कंपनी के नाम से एक बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। इस खाते का खाताधारक आरोपी लेखराज मीणा था। फर्जी रेंट एग्रीमेंट के जरिए खुलवाया खाता लेखराज ने अपना खाता 10 हजार रुपए में आरोपी मनीष को बेचा था। मनीष ने बताया कि यह खाता फर्जी रेंट एग्रीमेंट के जरिए खुलवाया गया था, जिसके बदले उसे 40 हजार रुपए मिले थे।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनिल बैरागी और संस्कार उर्फ प्रांशु दुबई में बैठे साइबर ठगों के संपर्क में थे। ठगी का 70 प्रतिशत दुबई भेजा जाता ये ठग वॉट्सऐप ग्रुप, कसीनो और ऑनलाइन जुए के लिंक भेजकर लोगों को फंसाते थे। ठगी की गई रकम का 70 प्रतिशत दुबई भेजा जाता था और शेष 30 प्रतिशत कमीशन के रूप में आपस में बांटा जाता था।अन्य आरोपी कॉल करने, ऑनलाइन गेम खिलाने और बैंक ट्रांजैक्शन कराने का काम करते थे, जिन्हें हर महीने 15 हजार रुपए वेतन और ठगी के हिसाब से कमीशन दिया जाता था। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी कोटा में की गई रेड के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 37 एटीएम कार्ड बरामद किए। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


