Guava Leaf Tea Benefits: डायबिटीज से लेकर बीपी तक…, अमरूद के पत्ते की चाय से मिलेगी इन 5 समस्याओं में राहत

Guava Leaf Tea Benefits: डायबिटीज से लेकर बीपी तक…, अमरूद के पत्ते की चाय से मिलेगी इन 5 समस्याओं में राहत

Guava Leaf Tea Benefits: अमरूद तो हम सभी खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि, अमरूद के पत्तों की चाय भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है। ये घरेलू नुस्खा सदियों से कई बीमारियों में इस्तेमाल किया जा रहा है….लेकिन सवाल यह है कि, क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है? समझते हैं, इस पर रिसर्च क्या कहती है।

जापान में अमरूद के पत्तों का यूज

अमरूद के पत्तों की चाय पर कई स्टडीज हुए हैं जिनमें इनके फायदे भी साबित हुए है। जापान की सरकार ने इसे FOSHU (Foods for Specified Health Use) के तहत मंजूरी भी दी है, जो डायबिटीज की रोकथाम के लिए एक सरकारी स्वास्थ्य खाद्य पदार्थ है। इसके साथ ही Nutrition and Metabolism जर्नलन में प्रकाशित शोध के हिसाब से अमरूद के पत्तों की चाय ब्लड शुगर लेवल को कम करती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को सुधारती है।

इन 5 समस्याएं में मिलेगा फायदा?

  1. डायबिटीज (Diabetes)
  2. दस्त और पेट की समस्याएं (Diarrhea and Stomach Problems)
  3. पाचन संबंधी परेशानियां (Digestive Problems)
  4. वजन घटाने में सहायक ( Helps in weight loss )
  5. हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर ( High Cholesterol and Blood Pressure)

ऐसे बनाएं अमरूद के पत्ते की चाय

यदि आप अमरूद के पत्ते की चाय बनाना चहते हैं। तो पहले 5-10 ताजे अमरूद के पत्ते अच्छी तरह धो लें। इसके बाद 1-2 कप पानी में डालकर 10-15 मिनट तक उबालें। उबालने के बाद इसे छानकर गुनगुना ही पी लें। आप इसे दिन में 1-2 बार पी सकते हैं, खासकर खाली पेट या भोजन के बाद। इससे खाना पचने में काफी मदद मिल सकती है।

इन बातों का रखें खास ध्यान

  1. ये किसी भी बीमारी की दवा नहीं है, सिर्फ एक सहायक उपाय है।
  2. डायबिटीज की दवा लेने वाले लोग डॉक्टर से पूछकर ही पिएं, क्योंकि इससे ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है।
  3. ज्यादा मात्रा में पीने से पेट दर्द, कब्ज या त्वचा में जलन हो भी सकती है।
  4. गर्भवती महिलाएं और एलर्जी वाले लोग न पिएं या डॉक्टर से पूछकर ही पिएं।

(डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि, वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।)

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