‘गर्लफ्रेंड की बहन प्यार में रोड़ा थी, इसलिए गोली मारी’:समस्तीपुर में छात्रा की हत्या करने वाले टीचर का कबूलनामा; 120 दिन बाद गुवाहाटी से गिरफ्तार

‘गर्लफ्रेंड की बहन प्यार में रोड़ा थी, इसलिए गोली मारी’:समस्तीपुर में छात्रा की हत्या करने वाले टीचर का कबूलनामा; 120 दिन बाद गुवाहाटी से गिरफ्तार

‘मैं अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन उसके घरवाले खासकर मेरी प्रेमिका की छोटी बहन गुड़िया कुमारी हमारे रिश्ते के खिलाफ थी। गुड़िया को मैं पसंद नहीं था। लेकिन मुझे हर हाल में अपनी प्रेमिका से ही शादी करनी थी। मेरी प्रेमिका की बहन मेरी शादी के बीच रोड़ा बनने लगी तो मैंने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। गुड़िया की हत्या के बाद मैं अपनी प्रेमिका की हत्या करना चाहता था, लेकिन पकड़े जाने के डर से फरार हो गया।’ ये बातें नालंदा जिले के रहने वाले 40 साल के कुमुद उर्फ दीपक ने पुलिस की पूछताछ में बताई है। दरअसल, समस्तीपुर के शिवाजीनगर इलाके में 11 अगस्त को 19 साल की गुड़िया कुमारी की कुमुद कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। करीब 120 दिनों के बाद समस्तीपुर पुलिस ने आरोपी कुमुद को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। समस्तीपुर पुलिस 10 दिनों तक गुवाहाटी में रही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए 10 दिनों तक गुवाहाटी में रही। फिर गुवाहाटी के आरपीएफ कॉलोनी रोड के ज्योति नगर पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को अरेस्ट किया। पुलिस बुधवार को आरोपी कुमुद को लेकर समस्तीपुर पहुंची और जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। सबसे पहले जानिए, आरोपी कुमुद के पकड़े जाने की कहानी रोसरा DSP संजय सिन्हा ने बताया कि, वारदात के बाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने एक स्पेशल टीम का गठन किया था। वारदात के बाद पुलिस को कुमुद की तलाश थी, लेकिन पता चला कि कुमुद बिहार छोड़कर बाहर भाग गया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान कुछ दिन पहले पुलिस को इनपुट मिला कि वो गुवाहाटी में रह रहा है। इसके बाद पुलिस की एक टीम गुवाहाटी रवाना हुई और 10 दिन रहकर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाई और फिर गिरफ्तार किया। संजय सिन्हा ने बताया कि, आरोपी ने अपना हुलिया बदल लिया था, जिसकी वजह से उसकी पहचान में कुछ समय लगा। बिहार शरीफ के नीमगंज गांव का रहने वाला है आरोपी कुमुद DSP ने बताया कि आरोपी कुमुद नालंदा जिला के बिहारशरीफ थाना क्षेत्र के नीमगंज गांव के रहने वाले अशोक कुमार चौधरी का बेटा है। कुमुद बहेड़ी में एक प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद पहले खगड़िया भागा और फिर ट्रेन पकड़कर गुवाहाटी पहुंच गया। पुलिस से बचने के लिए उसने दाढ़ी बाल कटवा लिए थे और झूठी जानकारी देकर ज्योति नगर आरपीएफ कॉलोनी रोड स्थित एक मकान में किराए पर रहने लगा था। पहचान पत्र मांगे जाने पर बार-बार मकान मालिक को गुमराह कर रहा था आरोपी जिस मकान में रह रहा था, उसके मकान मालिक की ओर से बार-बार पहचान पत्र मांगा जा रहा था, लेकिन कुमुद लगातार मकान मालिक को पहचान पत्र देने में टालमटोल कर रहा था, उन्हें गुमराह कर रहा था। इसके बाद मकान मालिक को कुमुद पर शक हुआ और उन्होंने लोकल पुलिस को इसकी जानकारी दी। असम की पुलिस ने जब पड़ताल की, तब सारा सच सामने आया। अब जानिए, 11 अगस्त को गुड़िया की कैसे हत्या हुई थी 11 अगस्त यानी सोमवार को कोचिंग पढ़ने जा रही गुड़िया की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार वालों का आरोप था कि एक स्कूल टीचर ने गुड़िया की हत्या की है। गुड़िया उत्तर बारी वार्ड-1 के रहने वाले विनय कुमार की बेटी थी। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा और चाकू बरामद किया था। गुड़िया डीएलएड की तैयारी करती थी। वो दरभंगा जिले के बहेड़ी स्थित एक कोचिंग में रोज घर से ही पढ़ने जाती थी। रोजाना की तरह वो आज भी घर से निकली थी। गुड़िया तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। आरोपी कुमुद मृतका गुड़िया की बड़ी बहन से एकतरफा प्यार करता था, जिसका विरोध गुड़िया करती थी। इसी को लेकर कुमुद ने गुड़िया की हत्या की थी। उधर, मर्डर के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी जिस स्कूल में पढ़ाता था, उस स्कूल में आग लगा दी थी और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। बेटी को टीचर परेशान करता था गुड़िया के चाचा परमानंद ने बताया कि ‘भतीजी सपना कुमारी और गुड़िया कुमारी बहेड़ी थाना क्षेत्र में कोचिंग पढ़ने जाती थीं। इस दौरान रास्ते में एंजेल हाई स्कूल का शिक्षक दीपक उसे परेशान करता था।’ ‘टीचर उसे वॉट्सऐप पर मैसेज भेजता था। जान से मारने की धमकी देता था। वॉट्सऐप पर उसने पिस्टल की फोटो भी भेजी थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।’ ‘इसे लेकर तीन महीने पहले मई में शिवाजी नगर थाने में एक आवेदन भी दिया गया था। लेकिन आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दीपक ने ही बेटी की हत्या की है। वो अक्सर उसे छेड़ता था और धमकाता था।’ आखिर में घटना वाले दिन की 5 तस्वीरें… ‘मैं अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन उसके घरवाले खासकर मेरी प्रेमिका की छोटी बहन गुड़िया कुमारी हमारे रिश्ते के खिलाफ थी। गुड़िया को मैं पसंद नहीं था। लेकिन मुझे हर हाल में अपनी प्रेमिका से ही शादी करनी थी। मेरी प्रेमिका की बहन मेरी शादी के बीच रोड़ा बनने लगी तो मैंने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। गुड़िया की हत्या के बाद मैं अपनी प्रेमिका की हत्या करना चाहता था, लेकिन पकड़े जाने के डर से फरार हो गया।’ ये बातें नालंदा जिले के रहने वाले 40 साल के कुमुद उर्फ दीपक ने पुलिस की पूछताछ में बताई है। दरअसल, समस्तीपुर के शिवाजीनगर इलाके में 11 अगस्त को 19 साल की गुड़िया कुमारी की कुमुद कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। करीब 120 दिनों के बाद समस्तीपुर पुलिस ने आरोपी कुमुद को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। समस्तीपुर पुलिस 10 दिनों तक गुवाहाटी में रही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए 10 दिनों तक गुवाहाटी में रही। फिर गुवाहाटी के आरपीएफ कॉलोनी रोड के ज्योति नगर पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को अरेस्ट किया। पुलिस बुधवार को आरोपी कुमुद को लेकर समस्तीपुर पहुंची और जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। सबसे पहले जानिए, आरोपी कुमुद के पकड़े जाने की कहानी रोसरा DSP संजय सिन्हा ने बताया कि, वारदात के बाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने एक स्पेशल टीम का गठन किया था। वारदात के बाद पुलिस को कुमुद की तलाश थी, लेकिन पता चला कि कुमुद बिहार छोड़कर बाहर भाग गया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान कुछ दिन पहले पुलिस को इनपुट मिला कि वो गुवाहाटी में रह रहा है। इसके बाद पुलिस की एक टीम गुवाहाटी रवाना हुई और 10 दिन रहकर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाई और फिर गिरफ्तार किया। संजय सिन्हा ने बताया कि, आरोपी ने अपना हुलिया बदल लिया था, जिसकी वजह से उसकी पहचान में कुछ समय लगा। बिहार शरीफ के नीमगंज गांव का रहने वाला है आरोपी कुमुद DSP ने बताया कि आरोपी कुमुद नालंदा जिला के बिहारशरीफ थाना क्षेत्र के नीमगंज गांव के रहने वाले अशोक कुमार चौधरी का बेटा है। कुमुद बहेड़ी में एक प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद पहले खगड़िया भागा और फिर ट्रेन पकड़कर गुवाहाटी पहुंच गया। पुलिस से बचने के लिए उसने दाढ़ी बाल कटवा लिए थे और झूठी जानकारी देकर ज्योति नगर आरपीएफ कॉलोनी रोड स्थित एक मकान में किराए पर रहने लगा था। पहचान पत्र मांगे जाने पर बार-बार मकान मालिक को गुमराह कर रहा था आरोपी जिस मकान में रह रहा था, उसके मकान मालिक की ओर से बार-बार पहचान पत्र मांगा जा रहा था, लेकिन कुमुद लगातार मकान मालिक को पहचान पत्र देने में टालमटोल कर रहा था, उन्हें गुमराह कर रहा था। इसके बाद मकान मालिक को कुमुद पर शक हुआ और उन्होंने लोकल पुलिस को इसकी जानकारी दी। असम की पुलिस ने जब पड़ताल की, तब सारा सच सामने आया। अब जानिए, 11 अगस्त को गुड़िया की कैसे हत्या हुई थी 11 अगस्त यानी सोमवार को कोचिंग पढ़ने जा रही गुड़िया की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार वालों का आरोप था कि एक स्कूल टीचर ने गुड़िया की हत्या की है। गुड़िया उत्तर बारी वार्ड-1 के रहने वाले विनय कुमार की बेटी थी। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा और चाकू बरामद किया था। गुड़िया डीएलएड की तैयारी करती थी। वो दरभंगा जिले के बहेड़ी स्थित एक कोचिंग में रोज घर से ही पढ़ने जाती थी। रोजाना की तरह वो आज भी घर से निकली थी। गुड़िया तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। आरोपी कुमुद मृतका गुड़िया की बड़ी बहन से एकतरफा प्यार करता था, जिसका विरोध गुड़िया करती थी। इसी को लेकर कुमुद ने गुड़िया की हत्या की थी। उधर, मर्डर के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी जिस स्कूल में पढ़ाता था, उस स्कूल में आग लगा दी थी और सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। बेटी को टीचर परेशान करता था गुड़िया के चाचा परमानंद ने बताया कि ‘भतीजी सपना कुमारी और गुड़िया कुमारी बहेड़ी थाना क्षेत्र में कोचिंग पढ़ने जाती थीं। इस दौरान रास्ते में एंजेल हाई स्कूल का शिक्षक दीपक उसे परेशान करता था।’ ‘टीचर उसे वॉट्सऐप पर मैसेज भेजता था। जान से मारने की धमकी देता था। वॉट्सऐप पर उसने पिस्टल की फोटो भी भेजी थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।’ ‘इसे लेकर तीन महीने पहले मई में शिवाजी नगर थाने में एक आवेदन भी दिया गया था। लेकिन आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दीपक ने ही बेटी की हत्या की है। वो अक्सर उसे छेड़ता था और धमकाता था।’ आखिर में घटना वाले दिन की 5 तस्वीरें…  

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